धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आया सोनम वांगचुक का पहला बयान, क्या कहा ?
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आया सोनम वांगचुक का पहला बयान, क्या कहा ?
नई दिल्ली | सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया है.
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह लोकतंत्र की जीत है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. बधाई हो सीजेपी, देश की जेन जी और सभी नागरिकों का धन्यवाद कि उन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई.
उन्होंने आगे कहा, “जवाबदेही से अब सुधार की ओर.”
वांगचुक 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे. वे बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.
23 जुलाई को एनडीए सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद एक्टिविस्ट वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी हड़ताल खत्म की थी.
इस बीच शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उन्हें गहरा दुख हुआ है और वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर हुए विवाद से पैदा हुई स्थिति का देश-विरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें.
इस्तीफा सौंपते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं और शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया. उन्होंने इसे परीक्षा की शुचिता और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया.
सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र की जीत हुई. इसके साथ एक वीडियो भी था जिसमें प्रदर्शनकारी प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाते हुए दिख रहे थे.
प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि हमने कर दिखाया. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. वे क्या कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते. हम कहते हैं कि दुनिया झुकती है, बस सही लोगों की जरूरत होती है.
उन्होंने कहा कि यह उनके लिए है, उन सभी छात्रों के लिए जिन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के कारण अपनी जान गंवाई. उन्होंने कहा कि प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि अगर आप लोग डरते नहीं हैं, अगर आप लोग इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं तो हम किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है और उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए हमें अपनी आवाज उठानी होगी. वे हमारी वजह से ही सत्ता में हैं.
आईएएनएस
सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया लोकतंत्र की जीत, अभिजीत दिपके बोले-हमने कर दिखाया
