कैप्टेन स्मित मच्छार पर चाकू से नहीं कुल्हाड़ी से हुआ था हमला ?, कैसे पहुंची विमान में कुल्हाड़ी
कैप्टेन स्मित मच्छार पर चाकू से नहीं कुल्हाड़ी से हुआ था हमला ?, कैसे पहुंची विमान में कुल्हाड़ी
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड-1073 में हुई कथित हिंसक घटना को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं. भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और अदम्य साहस से 180 यात्रियों की जान तो बच गई लेकिन हमले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
चाकू नहीं, कॉकपिट की कुल्हाड़ी से वार की आशंका
शुरुआती खबरों में दावा किया गया था कि को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से वार किया था. हालांकि, अमेरिकी मीडिया संस्थान सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर को-पायलट बाहर से कोई हथियार लेकर नहीं घुसा था, बल्कि उसने कॉकपिट में ही रखी इमरजेंसी ‘क्रैश ऐक्स’ (फायर ऐक्स) से कैप्टन स्मित पर हमला किया था. इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने बयान में हमले के दौरान क्रैश ऐक्स के इस्तेमाल का जिक्र किया था.
कॉकपिट में क्यों रखी होती है कुल्हाड़ी?
एविएशन सुरक्षा नियमों के तहत, विमान के कॉकपिट में आपातकालीन स्थितियों के लिए एक विशेष कुल्हाड़ी (क्रैश ऐक्स) रखी जाती है. किसी दुर्घटना या इमरजेंसी के समय दरवाजे, पैनल या जाम हो चुके हिस्सों को तोड़कर बाहर निकलने या रास्ता बनाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.
विमान क्रैश कराने की थी साजिश
अधिकारियों और चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर को-पायलट विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था. उसके इरादों को भांपते हुए लहूलुहान कैप्टन स्मित ने उससे मुकाबला किया था और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था. इसके बाद विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मदद से आरोपी को काबू में किया गया था (दरवाजा खुलते ही यात्री और क्रू मेंबर्स कॉकपिट में घुसे थे). मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाथापाई के दौरान विमान महज 34 सेकंड में 33,000 फीट से गिरकर सीधे 17,000 फीट पर आ गया था.
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा था और उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंड कराया था. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन की जांबाजी को सलाम करते हुए उन्हें ‘सच्चा हीरो’ बताया है.
हिंदी पोस्ट डॉट इन
