आंदोलन तुरंत खत्म करने को राजी नहीं अभिजीत दिपके, अब रखी यह नई मांग…

abhijeet dipke 3

फोटो क्रेडिट : एक्स / @abhijeet_dipke

The Hindi Post

आंदोलन तुरंत खत्म करने को राजी नहीं अभिजीत दिपके, अब रखी यह नई मांग…

 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) जंतर-मंतर पर जारी अपने आंदोलन को तुरंत समाप्त करने के मूड में नहीं है. सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को ‘लोकतंत्र और आम जनता की जीत’ करार दिया लेकिन स्पष्ट किया कि बाकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

धरना स्थल पर मंच से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की घोषणा होते ही आंदोलनकारी छात्र खुशी से झूम उठे. दीपके ने सबसे बड़ी मांग पूरी होने पर संतोष व्यक्त करते हुए सरकार को अन्य दो मांगों की याद दिलाई—नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेना. गौरतलब है कि इन दोनों मांगों पर सरकार पहले ही सैद्धांतिक सहमति जता चुकी है.

लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों पर ऐक्शन की नई मांग

आंदोलन के मुख्य चेहरे अभिजीत दीपके ने अब मंच से एक नई शर्त भी सामने रख दी है. उन्होंने 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए दीपके ने कहा, “20 तारीख को छात्रों पर बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए. डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा और सचिन शर्मा—आप लोगों ने शासन के नाम पर जो लाठियां चलाई थीं, उसका जवाब देना होगा. याद रखिए, यदि छात्र शक्ति एक केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा करा सकती है तो दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी. देश के युवाओं ने लाठियां खाकर और सिर तुड़वाकर अद्वितीय साहस का परिचय दिया है.”

सरकार पर चुटकी लेते हुए सीजेपी प्रमुख ने अंत में कहा, “जो लोग दावा करते थे कि इस सरकार में कभी इस्तीफे नहीं होते, उन्हें आज जवाब मिल गया है—झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए.”

 

हिंदी पोस्ट डॉट इन

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!