उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
फोटो: आईएएनएस
उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार सुबह तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. ऐतिहासिक शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को आंशिक रूप से हटाने के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया. इस दौरान पत्थरबाजी की गई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
सिंहस्थ 2028 कार्यक्रम की तैयारियों के बीच मस्जिद परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है.
इस विवाद का मुख्य केंद्र कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक लगभग 900 मीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण कार्य है. अधिकारी इस रास्ते को 15 मीटर तक चौड़ा कर रहे हैं ताकि हिंदुओं के इस बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा सके.
इस चौड़ीकरण की जद में कई धार्मिक स्थल आ रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, मार्ग में आने वाले लगभग 60 धार्मिक ढांचों में से अधिकांश को पहले ही हटाया जा चुका है. हालांकि, शाही मस्जिद और ‘खड़े हनुमान मंदिर’ के पास स्थित मजार को लेकर पिछले कुछ दिनों से कड़ा विरोध देखा जा रहा है.
मुस्लिम समुदाय के अनुसार, यह शाही मस्जिद 1390 ईस्वी की वक्फ संपत्ति है. चौड़ीकरण योजना के तहत मस्जिद के प्रार्थना कक्ष का एक हिस्सा, मीनार और उससे जुड़ी संरचनाओं, को आंशिक रूप से गिराने का प्रस्ताव है.
इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने उज्जैन नगर निगम के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं को जनहित और यातायात सुगमता के आधार पर खारिज कर दिया था. इस मामले में सोमवार को भी हाईकोर्ट में सुनवाई निर्धारित थी. इस मामले से जुड़ी अगली सुनवाई सोमवार को हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में होनी है.
फिलहाल, प्रशासन ने बुलडोजर जैसी भारी मशीनों के साथ करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.
इसके विरोध में शनिवार रात से ही मुस्लिम समुदाय के लोग शाही मस्जिद परिसर और आसपास की सड़कों पर जुटने लगे थे. रविवार रात भी नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रहा. आवाजाही नियंत्रित करने के लिए कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई और ड्रोन कैमरों से स्थिति पर नजर रखी गई. मौके पर पुलिस और त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की टुकड़ियां तैनात रहीं.
सोमवार को माहौल उस समय अधिक तनावपूर्ण हो गया जब कुछ युवकों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने डेढ़ दर्जन से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े. व्यवस्था बहाल करने के प्रयासों के बीच इलाके में तनाव बना हुआ है.
प्रशासन का कहना है कि यह सड़क चौड़ीकरण ‘सिंहस्थ 2028’ की तैयारियों का हिस्सा है. इस महापर्व में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. महाकालेश्वर मंदिर के आसपास भीड़ और जाम को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है. इसके तहत शहर में कई अन्य धार्मिक और गैर-धार्मिक ढांचों को भी हटाया गया है.
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने मस्जिद को न हटाने की अपील की है. वहीं प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और विकास योजना के तहत ही की जा रही है.
ताजा जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रहने के बीच किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मस्जिद क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात है.
By IANS
उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने को लेकर बवाल; पत्थरबाजी के बीच छोड़े गए आंसू गैस के गोले
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