“….आप में दम है तो युद्ध कर लीजिए, हम तो रोक नहीं रहे…. हम पाकिस्तानी नहीं है..”

Rajya Sabha adjourned for day after passing Inland Vessels Bill 2021. (Credit RSTV)

राज्य सभा की फाइल फोटो

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केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में लगातार दूसरे दिन यानि बुधवार (9 अगस्त) को चर्चा हुई. इस दौरान जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

उन्होंने लोकसभा में कश्मीरी पंडितों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार इतिहास का काला अध्याय है. जब कबायली हमलावरों ने 1947 में हमला किया तो महाराजा हरि सिंह की सेना छोटी थी. हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई ने कहा कि हम मिलकर लड़ेंगे. तब कोई हथियार नहीं थे लेकिन जज्बा था. पटियाला रेजिमेंट ने सबसे पहले आकर हमारी मदद की थी. हमें भारत में रहने पर गर्व है, लेकिन इस देश का भी कुछ कर्तव्य है. सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं. मुस्लिम, सिख, ईसाई सबके लिए. PM मोदी सिर्फ एक रंग का प्रतिनिधित्व नहीं करते बल्कि सबका करते हैं.

उन्होंने कहा, “मैं गलती करता हूं और आप भी गलती करते हैं. कौन कहता है कि हम परफेक्ट हैं. क्या आपको याद है कि तत्कालीन सीएम ने कश्मीरी पंडितों को घर वापस लाने का प्रयास किया था.”

उन्होंने आगे कहा, ”गुजराल साहब पीएम थे. निर्दोष कश्मीरी पंडितों को मारा गया. हमने कश्मीरी पंडितों को घर लाने का प्रयास किया. आप दस साल में कितने कश्मीरी पंडित वापस घर लेकर आए. एक भी नहीं.”

हम कश्मीरी पंडितों के लिए हमेशा खड़े रहे. ऐसा ना कहें कि हम भारत का हिस्सा नहीं हैं. या कि हम पाकिस्तानी हैं. हमने इस मुल्क में रहने के लिए बहुत बलिदान दिए हैं.

कश्मीर को प्यार चाहिए. वहां शांति अभी नहीं आई है. तब ही आप जी20 के डेलिगेशन को गुलमर्ग नहीं लेकर गए.

“दोस्त बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं. दोस्त के साथ प्यार से रहेंगे तो दोनों तरक्की करेंगे. अगर आप (केंद्र सरकार) में दम है तो युद्ध कर लीजिए. हम तो रोक नहीं रहे. लेकिन हम पर शक करना बंद कीजिए, क्योंकि हम इस वतन के साथ खड़े थे, खड़े हैं और खड़े रहेंगे. इसी तरह मणिपुर में भी मोहब्बत से काम करना होगा. प्यार से ही मसले सुलझेंगे.”

फारूक अब्दुल्ला के बोलने के दौरान ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय खड़े हुए और उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों की वापसी हो रही है. उनको रोजगार भी मिल रहा है. फारूक अब्दुल्ला गुमराह कर रहे हैं.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क


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