शी जिनपिंग के काफिले की गाड़ियां काले कवर में क्यों ढकी थीं?
शी जिनपिंग के काफिले की गाड़ियां काले कवर में क्यों ढकी थीं?
ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में भाग लेने 7 साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के काफिले ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. उनके आधिकारिक काफिले में शामिल लग्जरी बख्तरबंद गाड़ियां काले कवर से ढकी नजर आईं जिससे सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई.
दरअसल, काफिले की गाड़ियों को ढकना एक सोची-समझी सुरक्षा रणनीति और अनिवार्य परिवहन प्रोटोकॉल का हिस्सा होता है. शी जिनपिंग की आधिकारिक सवारी ‘Hongqi N701’ (हांगछी यानी लाल झंडा) जैसी अत्याधुनिक बख्तरबंद कारों को मालवाहक विमानों के जरिए आयोजन स्थल तक लाया जाता है. इस दौरान उन्हें मौसम, धूल और बाहरी नुकसान से बचाने के साथ-साथ वाहन की बनावट, सुरक्षा उपकरणों और संवेदनशील तकनीकी विशेषताओं को सार्वजनिक नजरों से पूरी तरह गोपनीय रखने के लिए कवर किया जाता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 5.5 मीटर लंबी और 3 टन से भारी यह अभेद्य लिमोजिन मल्टी-लेयर बुलेटप्रूफ आर्मर, आपातकालीन लाइफ-सपोर्ट सिस्टम, एन्क्रिप्टेड संचार तंत्र और शक्तिशाली V8 या V12 इंजन से लैस है, जिसे विशेष रूप से राष्ट्राध्यक्षीय सुरक्षा जरूरतों के लिए तैयार किया गया है.
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