अरसे बाद पिघली रिश्तों पर जमी बर्फ ! पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के बीच मिली खुशखबरी, दोनों देशों के बीच एक बार फिर….
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)
अरसे बाद पिघली रिश्तों पर जमी बर्फ ! पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के बीच मिली खुशखबरी, दोनों देशों के बीच एक बार फिर….
नई दिल्ली | चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और पीएम मोदी से मुलाकात के बीच दोनों देशों ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, चीन की प्रमुख एयरलाइन ‘चाइना साउदर्न एयरलाइंस’ 21 सितंबर से नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच सीधी यात्री उड़ानें फिर शुरू करने जा रही है. यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल होगी.
चाइना साउदर्न एयरलाइंस के मुताबिक, दिल्ली-ग्वांगझोउ रूट शुरू होने के बाद दक्षिण एशिया में उसकी उड़ानें बढ़कर 8 रूटों पर हफ्ते में 100 से भी ज्यादा हो जाएंगी. ग्वांगझोउ चीन का एक बड़ा व्यापारिक और औद्योगिक शहर है. इसलिए दक्षिणी चीन के साथ भारत के व्यापार को बढ़ाने के लिए यह हवाई मार्ग बेहद अहम है.
एयर इंडिया ने इसी साल फरवरी में अपनी नई दिल्ली-चीन सर्विस फिर से शुरू की थी. वहीं, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने 18 अप्रैल को अपना कुनमिंग-कोलकाता रूट फिर से शुरू किया था. एयर चाइना ने अप्रैल में अपनी बीजिंग-दिल्ली सर्विस फिर से शुरू की थी.
इंडिगो ने भी दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाई है. एयरलाइन ने 30 मार्च से कोलकाता और शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू की थी. वहीं, पिछले साल 10 नवंबर से कंपनी नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच डेली सीधी उड़ानें संचालित कर रही है.
चाइना साउदर्न की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे है और उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है. यह 2020 के गलवान संघर्ष के बाद शी जिनपिंग का पहला भारत दौरा है और दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से जारी राजनयिक सुधार की प्रक्रिया के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ग्वांगझोउ-दिल्ली हवाई सेवा को दोबारा शुरू करने का फैसला भारत और चीन के बीच सीधी कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. कोरोना महामारी के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं लंबे समय तक बाधित रही थीं. चाइना साउदर्न की दिल्ली-ग्वांगझोउ सेवा भी इसी दौरान बंद हुई थी और अब करीब छह साल बाद इसकी वापसी हो रही है.
भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, वीजा और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कई क्षेत्रों में भी असर पड़ा.
हालांकि, अक्टूबर 2024 में सीमा पर सैन्य गतिरोध कम करने को लेकर हुए समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई देने लगे. इसके बाद सीधी उड़ानों की बहाली, कारोबारियों के लिए वीजा प्रक्रिया में सुधार और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए.
By IANS/Hindi Post Dot In
शी के भारत दौरे के बीच चीन का बड़ा कदम, दिल्ली-ग्वांगझोउ सीधी उड़ान फिर होगी शुरू
