कोर्ट ने 68 लोगों को सुनाई सजा, 22 को होगी फांसी, क्या है यह मामला ?

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सांकेतिक तस्वीर / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)

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नई दिल्ली | मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित हत्या, उकसावे, भड़काने और साजिश से जुड़े सात मामलों में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने अब तक 68 लोगों को सजा सुनाई है, जिनमें से 22 को मौत की सजा दी गई है. मंगलवार को आए एक ताजा फैसले में अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर और छह अन्य लोगों को मौत की सजा सुनाई गई.

बांग्लादेश बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार, मौत की सजा पाने वालों में से 18 लोग फरार हैं, जबकि चार हिरासत में हैं.

मौत की सजा पाने वाले दोषियों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल, अवामी लीग के वरिष्ठ नेता और कई पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

मौत की सजा पाने वालों में से 11 अवामी लीग या उससे जुड़े संगठनों के नेता हैं, जैसे शेख हसीना, ओबैदुल कादर और अन्य, जबकि बाकी 11 पुलिस अधिकारी हैं.

अवामी लीग की अध्यक्ष हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल, दोनों को पिछले साल 17 नवंबर को मौत की सजा सुनाई गई थी. पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून, जो सरकारी गवाह बन गए थे, को पांच साल की जेल हुई. हसीना और कमाल पर उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाया गया था, ठीक वैसे ही जैसे मंगलवार को सजा पाने वाले छह लोगों पर चलाया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, मौत की सजा पाने वाले तीन पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के पूर्व कमिश्नर, पूर्व संयुक्त कमिश्नर सुदीप कुमार चक्रवर्ती और तत्कालीन अतिरिक्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर शाह आलम मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम शामिल हैं. साथ ही, पांच अन्य पुलिस अधिकारियों को तीन से छह साल तक की जेल की सजा सुनाई गई.

By IANS

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