संसद की नई बिल्डिंग की तुलना RJD ने ताबूत से की

RJD compares new Parliament with coffin (1)
The Hindi Post

पटना | राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा संसद के नए ढांचे की तुलना ताबूत से करने पर भाजपा ने रविवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, “जिस तरह से राजद ने नए संसद भवन की तुलना एक ताबूत से की है, उससे पता चलता है कि वह लोकतंत्र और देश की जनता द्वारा चुनी गई सरकार में विश्वास नहीं करता. उन्हें लगता है कि चूंकि उनके पिता और मां राज्य की मुख्यमंत्री थी, केवल उन्हें ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने का अधिकार है. देश की जनता राजद को ताबूत में दफन कर देगी.”

भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजद ने संसद के नए भवन की तुलना एक ताबूत से की है. इस अनमोल दिन पर राजद की यह टिप्पणी आपत्तिजनक और निंदनीय है. यह राजद के भविष्य को दर्शाता है जो ताबूत में दफन होने की ओर बढ़ रहा है.”

इससे पहले दिन में राजद ने नए भवन के आकार की तुलना ताबूत से की थी.

राजद ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर दो तस्वीरें पोस्ट की हैं – एक नवनिर्मित संसद का हवाई दृश्य है और दूसरा एक ताबूत है.

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “हमने ट्वीट के माध्यम से सवाल पूछा है कि केंद्र हमारे इतिहास को दफनाने की कोशिश क्यों कर रहा है. वे इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. वे हमारे इतिहास को नष्ट करना चाहते हैं. यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है. नई संसद की तस्वीर की तुलना एक ताबूत करते हुए हमें यह पूछा है कि ‘ये क्या है?’

उन्होंने कहा, “हम सवाल पूछ रहे हैं कि लोकतंत्र के मंदिर में प्रवेश करने का अधिकार क्या केवल भाजपा नेताओं को है. आज उन्होंने हमारे देश के राष्ट्रपति का अपमान किया है. वे लोकतंत्र और संविधान को कुचल रहे हैं. देश का लोकतंत्र रो रहा है. 21 पार्टियों ने अपील की है कि नए संसद भवन का उद्घाटन भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाना चाहिए लेकिन उन्होंने विपक्षी दलों की मांग को ठुकरा दिया है. उन्होंने तानाशाही को चुना है.”

जद (यू) के एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “भाजपा सावरकर की जयंती पर देश के इतिहास को बदल रही है. उन्होंने उन्हें वीर सावरकर कहा जिन्होंने ब्रिटिश शासकों से पांच बार माफी मांगी और उनसे 65 रुपये की पेंशन ली. भाजपा ने देश में केवल हिंदी भाषी राज्यों में 2,416 मंदिरों को तोड़ा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में सेंट्रल हॉल की भूमिका को समाप्त कर दी है. ऐसा उन्होंने इसलिए किया है क्योंकि लोग पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाबासाहेब अंबेडकर, सरदार पटेल को याद करेंगे. वे चाहते हैं कि देश में केवल मोदी को याद किया जाए और इसलिए उन्होंने नया संसद भवन बनाया है.”

आईएएनएस


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