क्या पेट्रोल, डीजल के दामों में आएगा कोई बदलाव ?, केंद्र सरकार ने दिया जवाब
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क्या पेट्रोल, डीजल के दामों में आएगा कोई बदलाव ?, केंद्र सरकार ने दिया जवाब
नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये प्रति लीटर की तत्काल कटौती की है. हालांकि, इस कटौती का लाभ सीधे ग्राहकों को मिलने के बजाय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) के घाटे की भरपाई के लिए उपयोग किया जाएगा.
तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें महज चार सप्ताह में 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. इस कारण तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 26 रुपये और डीजल पर 81.90 रुपये प्रति लीटर का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. एक्साइज ड्यूटी में इस कटौती से कंपनियों को हो रहे दैनिक 2,400 करोड़ रुपये के नुकसान को कम करने और बिना किसी रुकावट के ईंधन आपूर्ति जारी रखने में मदद मिलेगी.
एक्साइज ड्यूटी का नया गणित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को वैश्विक उतार-चढ़ाव से बचाना है. इस कटौती के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटकर 3 रुपये रह गई है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त, घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल और एटीएफ (हवाई ईंधन) के निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क भी लगाया गया है.
वैश्विक तुलना और स्थिरता
जहां दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप जैसे क्षेत्रों में ईंधन की कीमतों में 20 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, वहीं भारत ने कीमतों को स्थिर बनाए रखने का विकल्प चुना है. सरकार का तर्क है कि भले ही इस स्थिरता की एक बड़ी वित्तीय लागत है, लेकिन यह आम उपभोक्ताओं को महंगाई के झटके से बचाने के लिए आवश्यक है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं, एक्साइज में कमी से होगी तेल कंपनियों के नुकसान की भरपाई : केंद्र
