सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ नाना पाटेकर का दाह-संस्कार? बेटे मल्हार ने बताया कारण
सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ नाना पाटेकर का दाह-संस्कार? बेटे मल्हार ने बताया कारण
मुंबई | दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने सूर्यास्त के बाद पिता का अंतिम संस्कार किए जाने की वजह स्पष्ट की है. परंपराओं के अनुसार आमतौर पर सूर्यास्त के बाद दाह-संस्कार नहीं किया जाता.
अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मल्हार पाटेकर ने बताया कि परिवार और पिता जी का पार्थिव शरीर गोवा में था और लंबी यात्रा के चलते पार्थिव देह को फार्महाउस तक लाने में काफी समय लग गया.
मल्हार ने आगे कहा कि उनके पिता का निधन गुरुवार सुबह ही हो गया था और काफी समय बीत चुका था. इसलिए पार्थिव शरीर को और अधिक समय तक रखना उचित नहीं था.
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मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम लोग गोवा में थे और पार्थिव शरीर को गांव स्थित फार्महाउस लाना था. हमें उम्मीद थी कि हम जल्दी पहुंच जाएंगे लेकिन सफर में वक्त लग गया. उनका निधन तड़के हो गया था इसलिए पहले ही काफी देर हो चुकी थी और पार्थिव देह को ज्यादा देर रखना ठीक नहीं था. इसी वजह से हमें सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार करना पड़ा.”
गुरुवार को पुणे जिले के डोन्जे स्थित फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
By IANS/Hindi Post Dot In
