टैटू बनवाने के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, जांच में निकली HIV पॉजिटिव, क्या बोले डॉक्टर ?

Tatoo IANS (1)

सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)

The Hindi Post

टैटू बनवाने के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, जांच में निकली HIV पॉजिटिव, क्या बोले डॉक्टर ?

 

कानपुर | कानपुर की एक महिला को टैटू बनवाना भारी पड़ गया है. 32 वर्षीय महिला एचआईवी (HIV) संक्रमित हो गई है. महिला ने हाल ही में दिल्ली के एक पार्लर से टैटू बनवाया था जिसके बाद उन्हें संक्रमण हो गया. जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को आशंका है कि महिला दूषित या संक्रमित टैटू सुई के कारण एचआईवी संक्रमित हुई है. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण के सटीक स्रोत की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है.

महिला गंभीर संक्रमण की शिकायत लेकर गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (GSVM) मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग (Dermatology) विभाग पहुंची थी. जांच के दौरान डॉक्टरों ने एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी टेस्ट करवाया. टेस्ट रिपोर्ट में वह एचआईवी पॉजिटिव पाई गई. अब महिला का सरकारी अस्पताल में एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) उपचार चल रहा है.

त्वचा रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्वेतांक ने मीडिया को बताया कि महिला करीब एक सप्ताह पहले अस्पताल आई थी.

दूषित सुई से संक्रमण फैलने की आशंका

डॉ. श्वेतांक ने कहा, “महिला ने करीब दो सप्ताह पहले दिल्ली के एक पार्लर में टैटू बनवाया था. इसके बाद उन्हें गुप्तांग में गंभीर संक्रमण हो गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हमने उन्हें एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी जांच की सलाह दी. जांच रिपोर्ट में वह एचआईवी पॉजिटिव पाई गई.”

डॉक्टर के अनुसार, प्राथमिक निष्कर्ष बताते हैं कि यह संक्रमण किसी दूषित या बिना स्टरलाइज की गई सुई के इस्तेमाल से हुआ हो सकता है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आगे की जांच जरूरी है.

डॉ. श्वेतांक ने कहा कि महिला का एआरटी (ART) उपचार शुरू कर दिया गया है. यह इलाज सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि हालांकि एचआईवी को सही उपचार से प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है. मरीजों को जीवनभर दवाइयां लेनी पड़ती हैं.

डॉक्टर ने लोगों को असुरक्षित और अस्वच्छ जगहों पर टैटू बनवाने के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा कि संक्रमित सुई से एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी जैसे रक्त-जनित (Blood-borne) संक्रमण हो सकते है. इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए.

 

हिंदी पोस्ट डॉट इन

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!