अभिजीत दीपके ने ढूंढ लिया नया मुद्दा, अनाउंस किया नए कैंपेन का नाम….
फोटो: आईएएनएस
अभिजीत दीपके ने ढूंढ लिया नया मुद्दा, अनाउंस किया नए कैंपेन का नाम….
नीट पेपर लीक विवाद के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने नया मुद्दा ढूंढ लिया है. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश में बेरोजगारी को एक बड़ी समस्या बताते हुए गुरुवार को कहा कि इसे देशभर में उठाएंगे. वह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉजपा की ‘कोर टीम’ की बैठक खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
यह बैठक बुधवार से ही दीपके के घर पर हो रही थी.
संवाददाता सम्मेलन में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, प्रवक्ता आशुतोष रांका और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे. पिछले महीने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन के कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के आंदोलन की सबसे बड़ी कामयाबी है.”
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि बेरोजगार युवा भी शामिल हुए थे. उन्होंने कहा, “बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है. हम इसे देशव्यापी मुद्दा बनाएंगे. हम शिक्षा में सुधार के लिए काम करेंगे. शिक्षा स्कूली स्तर से ही वहनीय नहीं है. शिक्षा मुनाफा कमाने का कारोबार बन गई है. लेकिन हम इसे बदलना चाहते हैं.”
दीपके ने बताया कि देश में 60 प्रतिशत लोग 35 साल से कम उम्र के हैं और जंतर-मंतर पर विरोध करने वालों में भी ऐसे ही लोग शामिल थे. सीजेपी के संस्थापक ने यह भी कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता को फिर से बहाल करने की जरूरत है.
दीपके ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी अगले महीने पूरे भारत में लोगों से बातचीत करने और उनके मुद्दों को जानने के लिए ‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन शुरू करेगी. उन्होंने कहा, “‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन के दौरान हम जानेंगे कि लोग देश के मौजूदा हालात के बारे में क्या सोचते हैं और उन्हें किन मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है.”
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्टूडेंट्स के आंदोलन की सबसे बड़ी कामयाबी बताते हुए दीपके ने कहा, “इस सरकार ने पिछले 10-12 सालों में लोगों के मन में जो डर पैदा किया था, वह अब खत्म हो गया है.”
