ट्रंप की ईरान को बहुत बड़ी धमकी, किस बात को लेकर 48 घंटों का दिया अल्टीमेटम ? “अगर…….”

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फाइल फोटो | आईएएनएस

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ट्रंप की ईरान को बहुत बड़ी धमकी, किस बात को लेकर 48 घंटों का दिया अल्टीमेटम ? “अगर…….”

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बेहद सख्त अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शर्त के पूरी तरह नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा.

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि इस सैन्य कार्रवाई की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े बिजली संयंत्र से की जाएगी. यह धमकी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक ऊर्जा मार्ग माने जाने वाले इस समुद्री क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है.

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर उन देशों से इस मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने का आह्वान किया था जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस पर निर्भर हैं. उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दो टूक कहा था कि अमेरिका को व्यक्तिगत रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसका उपयोग यूरोप, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश करते हैं, इसलिए अब उन्हें ही इसकी सुरक्षा के लिए आगे आना होगा. उन्होंने इस जलमार्ग को फिर से खोलने की प्रक्रिया को एक ‘सैन्य अभ्यास’ जैसा बताया, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इसके लिए बड़े पैमाने पर सैनिकों, जहाजों और बेहतर समन्वय की जरूरत होगी.

ट्रंप ने नाटो (NATO) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझेदारों, जैसे कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि ये देश इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित करने में सक्रिय भागीदारी निभाने से कतरा रहे हैं. साथ ही, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अमेरिका फिलहाल युद्धविराम का कोई इरादा नहीं रखता है. ट्रंप का तर्क है कि जब विपक्षी पक्ष पूरी तरह पस्त होने की कगार पर हो, तब सैन्य अभियान को बीच में रोकना तार्किक नहीं है.

ईरान की वर्तमान सैन्य स्थिति पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा था किया कि ईरान की क्षमताएं अब लगभग खत्म हो चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि उनके पास न तो अब नौसेना बची है, न ही वायुसेना और न ही प्रभावी विमानरोधी हथियार. ट्रंप के अनुसार, ईरानी नेतृत्व को भी हर स्तर पर भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी सैन्य अभियान अपने निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब पहुंच चुका है.

 

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