क्यों दिया मनोहर लाल खट्टर ने इस्तीफा?, हरियाणा में किस पार्टी के पास है कितनी सीटें, जानिए इन सवालों के जवाब

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मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो | फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)

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मंगलवार को हरियाणा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला. मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उनकी जगह ओबीसी वर्ग से आने वाले नायब सिंह सैनी राज्य के नए मुख्यमंत्री बनाए गए.

अब सवाल यह है कि बीजेपी को हरियाणा में मुख्यमंत्री बदलने की क्या जरूरत पड़ गई खासतौर पर तब जब लोक सभा चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है.

बता दे कि नायब सिंह सैनी हरियाणा की कुरुक्षेत्र लोक सभा सीट से भाजपा के सांसद है. वह प्रदेश अध्यक्ष भी है.
वह 2019 में पहली बार सांसद बने.

नायब सिंह सैनी के मुख्यमंत्री बनने से बीजेपी को अन्य पिछड़ा वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है.

साथ ही, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का नया चेहरा सत्ता विरोधी लहर को विफल करने में मदद करेगा.

विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्रियों को बदलने और कैबिनेट को फिर से बनाना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है.

भाजपा ने बिलकुल ऐसी एक्सरसाइज उत्तराखंड और गुजरात में की थी. इसका फायदा भी मिला था. दोनों राज्यों में भाजपा सत्ता में वापस लौटी थी.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया, “चूंकि उत्तराखंड और गुजरात में मुख्यमंत्री को बदल कर पार्टी को फायदा मिला था इसलिए यही काम आज हरियाणा में किया गया. राज्य (हरियाणा) में अक्टूबर में चुनाव है ऐसे में सत्ता विरोधी लहर को विफल किया जा सकता है.”

बता दे कि जेजेपी और भाजपा के बीच लोक सभा चुनाव को लेकर सीट  बंटवारे पर बात नहीं बनी थी. इसके अगले दिन यानि मंगलवार को मनोहर लाल खट्टर ने इस्तीफा दे दिया.

नायब सैनी का नाम मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित होते ही राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज बैठक छोड़कर चले गए. निवर्तमान मंत्रिमंडल में खट्टर और जेजेपी के तीन सदस्यों सहित 14 मंत्री शामिल थे. सभी ने इस्तीफा दे दिया.

वर्तमान में, 90 सदस्यीय सदन में भाजपा के 41 विधायक हैं, जबकि जेजेपी के 10 विधायक हैं. भाजपा को सात में से छह निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास 30 विधायक हैं और इंडियन नेशनल लोकदल तथा हरियाणा लोकहित पार्टी के पास एक-एक सीट है.

अक्टूबर 2019 में खट्टर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. यह उनका दूसरा कार्यकाल था.

दूसरे कार्यकाल में, भाजपा ने तत्कालीन नवगठित जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ गठबंधन में सरकार बनाई थी. इस पार्टी का नेतृत्व दुष्यंत चौटाला कर रहे थे. उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)

 


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