अमेरिका-ईरान जंग में अब इस ‘शक्तिशाली देश की एंट्री’ ! ट्रंप ने कहा- “अगर…”

Donald Trump 28 (1)

फोटो: आईएएनएस

The Hindi Post

अमेरिका-ईरान जंग में अब इस ‘शक्तिशाली देश की एंट्री’ ! ट्रंप ने कहा- “अगर…”

 

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब चीन की एंट्री से नया विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीन जल्द ही ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को सीधी चेतावनी दे दी है.ट्रंप ने कहा कि अगर चीन ने ईरान को हथियार भेजे, तो उसे ‘बड़ी समस्या’ का सामना करना पड़ेगा. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि अमेरिका किस तरह की कार्रवाई करेगा, लेकिन उनका बयान साफ संकेत देता है कि अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान को कोई हथियार मिले.

CNN की रिपोर्ट में बताया गया कि चीन ईरान को MANPADS यानी कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम देने की तैयारी में है. ये सिस्टम लो-फ्लाइंग फाइटर जेट्स और ड्रोन के लिए बड़ा खतरा माने जाते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन इन हथियारों की सप्लाई सीधे नहीं बल्कि तीसरे देशों के जरिए करने की योजना बना रहा है, ताकि उसका नाम न आए.

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ईरानी सेना ने एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया था. ट्रंप ने भी संकेत दिया था कि यह हमला ‘हीट-सीकिंग मिसाइल’ से किया गया था. ऐसे में शक बढ़ गया है कि ईरान को नई तकनीक मिल रही है. हालांकि ऐसी रिपोर्ट आई थी कि यह कंधे पर रखकर लॉन्च करने वाली मिसाइल रूस से आई थी. अगर चीन वाकई ऐसे सिस्टम देता है, तो यह अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, खासकर तब जब पश्चिम एशिया में लगातार तनाव जारी है.

वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. चीन का कहना है कि उसने किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और वह लगातार संघर्ष को खत्म करने की कोशिश कर रहा है. चीन ने अमेरिका पर ‘बेबुनियाद आरोप’ लगाने और माहौल को भड़काने का आरोप भी लगाया. एक्स्पर्ट्स का मानना है कि चीन एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. एक तरफ वह ईरान के साथ अपने आर्थिक और ऊर्जा संबंध बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ वह खुलकर इस संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहता.


The Hindi Post
error: Content is protected !!