CAA लागू होने पर मुस्लिम धर्म गुरुओं और मौलानों ने क्या कहा?

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नागरिकता संशोधन अधिनियम यानि CAA सोमवार को देश भर में लागू हो गया. इसको लेकर मुस्लिम धर्म गुरुओं ने समाज के लोगों से कहा है कि उन्हें CAA के अधिसूचित होने से घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही यह भी कहा है कि वे अफवाहों से बचें.

सीएए के कार्यान्वयन पर केंद्र की अधिसूचना के बाद, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया (आईसीआई) के अध्यक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने एक वीडियो संदेश में कहा: “जिम्मेदार लोगों की ओर से कई बार बताया गया है कि किसी की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी. इसलिए, मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. घबराने की जरूरत नहीं है.”

उन्होंने आगे कहा, ”एक बार हमारी कानूनी टीम केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना का अध्ययन कर ले, उसके बाद ही हम इस पर कुछ कह पाने की स्थिति में होंगे. CAA की अधिसूचना जारी करने वाले ही इस बारे में कुछ कह सकते हैं कि चुनाव के दौरान ही अधिसूचना क्यों जारी की गई.”

महली ने कहा, “मैं गलत बयान देने या सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से बचने की भी अपील करता हूं. हम सभी को देश के कानून पर भरोसा करना चाहिए.”

शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अधिसूचना से घबराने की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा, “ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कानूनी टीम बारीकियों को समझने के लिए अधिसूचना का अध्ययन करेगी. हम सरकार से यह भी अनुरोध करते हैं कि कोई भी कानून लाने से पहले सभी को विश्वास में लिया जाए.”

उत्तर प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने कहा कि सीएए नागरिकता देने का कानून है, किसी की नागरिकता छीनने का कानून नहीं है.

“यह कानून उन लोगों की मदद करेगा जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में वर्षों से प्रताड़ित और अपमानित होते रहे हैं.”

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)

 


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