ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम के बाद एम्स दिल्ली की फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, अंतिम संस्कार संपन्न
फाइल फोटो | आईएएनएस
ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम के बाद एम्स दिल्ली की फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, अंतिम संस्कार संपन्न
भोपाल | बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में रविवार को एक बड़ा घटनाक्रम घटा. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) के चार सदस्यीय फोरेंसिक विशेषज्ञों के दल ने भोपाल एम्स के शवगृह (मर्च्युरी) में रखे ट्विशा के शव का पोस्टमार्टम किया.
लगभग तीन से चार घंटे तक चली इस पूरी प्रक्रिया को बेहद कड़े वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के तहत अंजाम दिया गया. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस री-पोस्टमार्टम की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई.
पोस्टमार्टम के बाद ‘क्राइम सीन’ पहुंची फॉरेंसिक टीम
पोस्टमार्टम परीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के तुरंत बाद दिल्ली एम्स की टीम पुलिस अधिकारियों के साथ भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घटनास्थल पर पहुंची. यह मकान ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह का है. फॉरेंसिक टीम ने घर और उसके आसपास के परिसर का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि पोस्टमार्टम से मिले शारीरिक साक्ष्यों का मौके पर मौजूद भौतिक सबूतों से मिलान किया जा सके.
इस मुआयने को 12 मई की कड़ियों को जोड़ने (क्राइम सीन रीक्रिएशन) के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. गौरतलब है कि इसी दिन 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था. ट्विशा शर्मा यूपी के नोएडा की रहने वाली थी.
विशेष विमान से भोपाल पहुंची थी डॉ. सुधीर गुप्ता की टीम
हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विशेष रूप से उपलब्ध कराए गए विमान से वरिष्ठ फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में डॉक्टरों का दल शनिवार रात ही भोपाल पहुंच गया था. रविवार को प्रक्रिया शुरू होने से पहले ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा और भाभी राशि ओबेरॉय शर्मा ने शव की शिनाख्त की.
चिकित्सकों के मुताबिक, दोबारा पोस्टमार्टम के बाद आगे की विस्तृत जांच के लिए विसरा और जरूरी सैंपल्स को सुरक्षित (प्रिजर्व) कर लिया गया है. मेडिकल बोर्ड अपनी अंतिम विस्तृत रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपेगा.
दहेज उत्पीड़न बनाम ड्रग्स एडिक्शन के आरोप
ट्विशा के मायके पक्ष ने उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह (जो एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं) पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप लगाया है. परिजनों ने शुरुआत से ही स्थानीय डॉक्टरों द्वारा किए गए पहले पोस्टमार्टम पर सवाल उठाए थे और एक स्वतंत्र टीम से दोबारा जांच की मांग की थी.
दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा नशे (ड्रग्स एडिक्शन) की आदी थीं. फिलहाल, हाल ही में गिरफ्तार किए गए समर्थ सिंह (ट्विशा के पति) 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर हैं, जहां विशेष जांच टीम (SIT) उनसे पूछताछ कर रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, कल होगी सुनवाई
राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज चुकी है. रविवार को दूसरा पोस्टमार्टम होने के बाद ट्विशा के शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिया गया. शाम करीब 5 बजे भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ.
इस मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं. देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने इस पूरे घटनाक्रम पर स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लिया है जिस पर 25 मई (सोमवार) को सुनवाई होनी तय है. मध्य प्रदेश सरकार ने मामले में पूरी तरह निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है, वहीं अब एम्स की फोरेंसिक रिपोर्ट ही ट्विशा की मौत के असली कारणों से पर्दा उठाएगी.
IANS/Hindi Post Dot In
