पश्चिम बंगाल: फाल्टा में भाजपा उम्मीदवार देबांगशु पांडा जीते, इतने वोटों के अंतर से हराया, तृणमूल कांग्रेस की जमानत जब्त

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पश्चिम बंगाल: फाल्टा में भाजपा उम्मीदवार देबांगशु पांडा जीते, इतने वोटों के अंतर से हराया, तृणमूल कांग्रेस की जमानत जब्त

 

कोलकाता | पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान के नतीजे रविवार को घोषित कर दिए गए. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबांगशु पांडा 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से विजयी घोषित किए गए, जबकि टीएमसी ने अपनी जमानत जब्त करा ली.

पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि सीपीआई (एम) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक 10,084 वोटों के साथ तीसरे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान 7,783 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.

फाल्टा में हुए पुनर्मतदान के नतीजे दो मायनों में अनोखे हैं. जनवरी 1988 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से इतिहास में यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार को चौथा स्थान मिला है.

2011 के बाद से, जब 34 साल के वाम मोर्चे के शासन का अंत हुआ और तृणमूल कांग्रेस शासन की शुरुआत हुई, यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई है.

फाल्टा में पुनर्मतदान 21 मई को हुआ था. पांडा की जीत के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में भाजपा की कुल सीटें अब 208 हो गई हैं.

रविवार का रुझान फाल्टा के परिणामों से बिल्कुल विपरीत है. चाहे वह 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हों या 2024 के लोकसभा चुनाव.

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के शंकर कुमार नशकर फाल्टा से 41,000 वोटों के अंतर से विजयी हुए. फाल्टा डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों में से एक है.

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर सीट से तीन बार प्रतिनिधि रह चुके हैं.

2024 के लोकसभा चुनावों में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र ने बनर्जी को लगभग 1,20,000 वोटों की बढ़त दिलाई.

राज्य में हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान 29 अप्रैल को हुआ था, लेकिन चुनाव में धांधली की कई शिकायतें मिलने के बाद मतदान रद्द कर दिया गया था. आरोप था कि कई मतदान केंद्रों पर भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चिन्हों से संबंधित ईवीएम बटनों को सफेद टेप से ढक दिया गया था.

इसके बाद, विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रता गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से फाल्टा का दौरा किया था और जांच की थी. गुप्ता की जांच के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया था.

 


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