“बाल्टी में भर लीजिए बाढ़ का पानी, इसे आशीर्वाद समझे…”, मंत्री के बयान ने किया हैरान, VIDEO
सांकेतिक तस्वीर (फोटो क्रेडिट :आईएएनएस)
“बाल्टी में भर लीजिए बाढ़ का पानी, इसे आशीर्वाद समझे…”, मंत्री के बयान ने किया हैरान
बाढ़ से परेशान पाकिस्तानियों के जख्म पर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नमक छिड़कने की कोशिश की है. राहत को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ख्वाजा ने कहा कि लोग इसे आशीर्वाद के रूप में लें और पानी को अपने अपने घरों में स्टोर कर लें.
एक निजी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पानी को लेकर पूरी दुनिया में त्राहिमाम की स्थिति है. ऐसे वक्त में पाकिस्तान में बाढ़ आना एक सुखद संयोग है. लोग इसे अल्लाह का आशीर्वाद मानें. यह कोई आपदा नहीं है.
ख्वाजा के मुताबिक पंजाब और खैबर के कुछ प्रांतों में लोग सड़क जाम कर रहे हैं. बाढ़ को लेकर प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे लोगों को पहले पानी स्टोरेज पर ध्यान देना चाहिए. पानी अपने-अपने घर ले जाएं. बवाल ही खत्म हो जाएगा.

ख्वाजा ने आगे कहा कि पानी स्टोरेज के लिए बडे़ बांध की जरूरत होगी, जो फिलहाल मुमकिन नहीं है. इसलिए लोग इसे अपने घरों के सामान में ही स्टोर कर लें.
ख्वाजा ने कहा कि बाढ़ रोकने का कोई सिस्टम सरकार के पास नहीं है. लोग झूठ में इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. ख्वाजा आसिफ के मुताबिक बाढ़ के लिए लोकल गवर्मेंट जिम्मेदार है.
🇵🇰🌊 | Pakistan’s Defence Minister Khwaja Asif has described the devastating floods as a “blessing from Allah,” urging citizens to store floodwater in tubs and buckets at home rather than protest against the crisis.#Pakistan #Flood #India #News #Trump pic.twitter.com/Wpx7d81rtE
— TheWarPolitics 🇮🇳 (@TheWarPolitics0) September 2, 2025
उन्होंने कहा कि लोकल गवर्मेंट शक्तिविहीन है. लोग अतिक्रमण कर रहे हैं. पानी का रास्ता बदल रहे हैं तो बाढ़ का आना निश्चित है.
बाढ़ से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के करीब 20 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. पंजाब प्रांत के सूचना मंत्री अजमा बुखारी का कहना है कि पहली बार इस तरह का बाढ़ पंजाब ने देखा है. इस बार पंजाब की झेलम, चिनाब और रावी तीनों नदियां उफान पर है.
पंजाब सरकार के मुताबिक बाढ़ की वजह से 41 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है. वहीं पूरे पाकिस्तान में बाढ़ से करीब 850 लोगों की जान जा चुकी है. बाढ़ के बाद राहत पहुंचाने में अब तक पाकिस्तान सरकार नाकाम रही है.
