कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का विवादित बयान, बोले- “ऑपरेशन के पहले दिन ही भारत पूरी तरह हार गया था…”
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का विवादित बयान, बोले- “ऑपरेशन के पहले दिन ही भारत पूरी तरह हार गया था…”
नई दिल्ली | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ वाले बयान पर जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएं विजयी, अनुशासित और सक्षम हैं. हमारी सेनाएं हमेशा पेशेवर तरीके से काम करती हैं और उन्हें राजनीतिक दिशा मिलती है, जैसा कि इंदिरा गांधी के समय में हुआ.
इंदिरा गांधी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि उनकी राजनीतिक अगुवाई में दुनिया का भू-राजनीतिक नक्शा बदला गया. इंदिरा गांधी के नेतृत्व में मात्र 14 दिनों के भीतर बांग्लादेश का निर्माण हुआ था. यह भारत की सैन्य क्षमता और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण है.
वहीं, कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया और न ही भाजपा के अन्य नेताओं ने.

उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि यह साफ है कि सरकार ने विपक्ष के सवालों से बचने का रास्ता चुना. कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं दिखती. उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी होती है लेकिन सरकार सवालों से मुंह मोड़ रही है.
एसआईआर को लेकर उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि कितने लोगों को बांग्लादेश भेजा गया है. अधिकारी कुछ कहते हैं और करते कुछ और हैं. बिहार में एसआईआर लागू हुआ, वहां कितने लोग बांग्लादेशी पाए गए और वास्तव में कितने बांग्लादेश भेजे गए? यह जानकारी बिहार सरकार, चुनाव आयोग या केंद्र सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा. जब उत्तर प्रदेश में एसआईआर लागू किया जाएगा, तो वहां की सरकार को भी यह बताना होगा कि कितने घुसपैठिए, रोहिंग्या या बांग्लादेशी पाए गए.
उज्ज्वल रमण सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार गोपनीयता की आड़ में सच्चाई छुपाकर राजनीतिक आरोप लगा रही है. साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पर भी राजनीति में हस्तक्षेप करने और भाजपा के पक्ष में भूमिका निभाने का आरोप लगाया.
बता दें कि पृथ्वीराज चव्हाण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन के पहले दिन ही भारत पूरी तरह हार गया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान सेना की एक किलोमीटर तक की मूवमेंट नहीं हुई और दो-तीन दिनों तक सिर्फ हवाई और मिसाइल युद्ध ही हुआ. चौहान ने आगे सवाल उठाया था कि भविष्य के युद्ध ऐसे ही लड़े जाएंगे तो क्या 12 लाख सैनिकों की सेना रखने की जरूरत है या फिर उन्हें किसी अन्य काम में लगाया जा सकता है.
