नेपाल में आंदोलन के बीच जेल से भागे कैदी, सेना …..
सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)
नई दिल्ली | नेपाल में बनी अराजक स्थिति के बीच कई कैदी जेल से फरार हो चुके हैं. इनमें से पांच कैदियों को पकड़कर उनसे पूछताछ जारी है. मंगलवार को पांच कैदियों को सीमा सुरक्षा बल ने सिद्धार्थनगर से पकड़ा था. नेपाल के सुरक्षाबल इन सभी कैदियों को चिन्हित करने में जुटे हैं.
बताया जा रहा है कि नेपाल के ये सभी कैदी भारत की सुरक्षा व्यवस्था में खलल डाल सकते हैं. ऐसी स्थिति में इन सभी कैदियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का सिलसिला शुरू किया जा चुका है.
नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां उन सभी कैदियों को चिन्हित करने में जुटी हुई हैं जो वहां की जेलों से फरार हो चुके हैं. दोनों देशों के सुरक्षा बल भागे कैदियों को पकड़ने में जुटी हुई हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि किसी भी कीमत पर स्थिति अप्रिय नहीं हो. दोनों ही देशों के सुरक्षा बल सीमा पर शांति व्यवस्था बरकरार रखना चाहते हैं.
बता दें कि चार सितंबर को नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था. इसके विरोध में नेपाल के जेन जी युवाओं ने सड़क पर आकर सरकार के इस फैसले का विरोध किया. वहीं, नेपाल में यह भी दावा किया जा रहा है कि युवाओं का यह विरोध प्रदर्शन न महज सोशल मीडिया बैन, बल्कि सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ भी है.
नेपाल में युवाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार भ्रष्टाचार मुक्त नहीं हो जाती है, तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. युवाओं के बढ़ते विरोध प्रदर्शन की वजह से नेपाल के प्रधानमंत्री सहित कई मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन अभी भी युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है.
वहीं, नेपाल की अराजक स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भी बयान जारी किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हम पूरी स्थिति पर नजर बनाकर रखे हुए हैं, खासकर हमारे देश के वो सभी नागरिक जो मौजूदा समय में नेपाल में हैं.
इस संबंध में भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से दिशानिर्देश भी जारी किया गया है, जिसका पालन करने के लिए नेपाल में रह रहे हिंदुस्तानी नागरिकों को कहा गया है. साथ ही, भारत सरकार ने नेपाल में रह रहे हिंदुस्तानी नागरिकों को विश्वास दिलाया है कि वो उनके साथ हर स्थिति में हैं.
