पीएम शहबाज के सलाहकार ने किया बड़ा खुलासा, ब्रह्मोस से कांप गया था पाकिस्तान, ‘हमारे पास थे सिर्फ 30 सेकंड….’
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह की फाइल फोटो (आईएएनएस)
नई दिल्ली | पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने परोक्ष रूप से हार स्वीकार करते हुए खुलासा किया है कि उनके देश की सेना के पास यह विश्लेषण करने के लिए एक मिनट से भी कम का समय था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एयरबेस पर भारत द्वारा दागी गई ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल में परमाणु हथियार हो सकता है या नहीं (मिसाइल परमाणु हथियार से लैस है या नहीं).
सनाउल्लाह ने गुरुवार को एक पाकिस्तानी समाचार चैनल को बताया, “जब भारत ने नूर खान एयरबेस पर ब्रह्मोस दागी तो पाकिस्तान की सेना के पास यह तय करने के लिए केवल 30-45 सेकंड का समय था कि आने वाली मिसाइल में परमाणु हथियार हो सकता है या नहीं.”
उन्होंने कहा, “केवल 30 सेकंड में इस पर कुछ भी निर्णय लेना एक खतरनाक स्थिति थी.”
आपको बता दे कि नूर खान – रावलपिंडी के चकलाला में पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) का एक प्रमुख एयरबेस है.
सनाउल्लाह ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान परमाणु युद्ध का जोखिम बहुत अधिक था.
उन्होंने आगे कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि उन्होंने परमाणु हथियार का इस्तेमाल न करके अच्छा किया लेकिन इस हमले को पाकिस्तान के लोग एक परमाणु हमला भी समझ सकते थे, जिससे वैश्विक परमाणु युद्ध छिड़ सकता था.”
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कई पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला किया, जिससे रनवे, हैंगर और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि सरगोधा, नूर खान (चकलाला), भोलारी, जैकबाबाद, सुक्कुर और रहीम यार खान में भारी नुकसान हुआ है.
यह पहली बार नहीं था, जब भारत ने नूर खान पर हमला किया था. 1971 के युद्ध के दौरान, भारतीय वायु सेना (IAF) के 20 स्क्वाड्रन ने अपने हॉकर हंटर्स के साथ एयर बेस को निशाना बनाया था.
