मेरठ के निवर्तमान SSP पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप, शख्स ने पुलिस कार्यालय में हिरासत और पिटाई का लगाया आरोप
फोटो: आईएएनएस
मेरठ के निवर्तमान SSP पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप, शख्स ने पुलिस कार्यालय में हिरासत और पिटाई का लगाया आरोप
मेरठ | भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने मेरठ के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) अविनाश पांडे पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है. आरोप है कि ऑफिस में हिरासत में रखकर बुरी तरह से पीटा गया जिससे उन्हें चोटें आईं.
दिग्विजय भाटी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “ललिता गौतम हत्या मामले को लेकर जो विरोध प्रदर्शन हुआ था, उसमें मैं शामिल नहीं था, मैं नोएडा-गाजियाबाद में था. इसके बावजूद, हमें जेल भेज दिया गया. बाद में कप्तान से मोहित की बात हो रही थी, जिसमें वह कह रहा था, सर, हम इस मामले में पूरी तरह बेगुनाह हैं.’ इस पर कप्तान ने मिलने के लिए बुलाया.
दिग्विजय भाटी ने कहा, “जब मैं और मोहित कप्तान से मिलने पहुंचे तो वह हमें एक केबिन में ले गए. अंदर ले जाने के बाद 3-4 लोगों ने हमें कोहनियों से मारा और बेरहमी से पीटा. फिर, जब मैं एसएसपी के पैरों पर गिर रहा था, तो उन्होंने मुझे लात मारी. लात सीधे मेरी आंख पर लगी. डॉक्टर अब कह रहे हैं कि मेरी आंख केवल 30 फीसदी तक ही ठीक हो पाएगी. उन्होंने बुरी तरह से पिटाई की.”
दिग्विजय ने कहा, “पिटाई के बाद सिविल लाइन के इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को बुलाया और हम लोगों का इलाज करने के लिए कहा. इसके बाद अखिलेश उसे एसओजी कार्यालय में ले गए और पैर बांधकर उल्टा लटका दिया. फिर बुरी तरह से हमारी पिटाई की. इस दौरान ढक्कन से पानी दिया. इतना ही नहीं, अखिलेश ने फोन पर एसएसपी को हमारी चीखें सुनाईं. एसएसपी और इंस्पेक्टर ने हमें जमकर गालियां भी दीं. मुझे बिना किसी गलती के प्रशासन ने गुंडा बना दिया.”
ये आरोप तब सामने आए जब सोशल मीडिया पर भारतीय किसान यूनियन के बी.आर. अंबेडकर गुट के अध्यक्ष भाटी का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में भट्टी अपनी बाईं सूजी हुई आंख और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान दिखाते हुए नजर आ रहे हैं. भाटी ने दावा किया कि वह बुधवार को पांडे से मिले थे और एफआईआर से अपना नाम हटाने की मांग की थी क्योंकि वह उस जगह पर मौजूद नहीं थे जहां कथित घटना हुई थी.
यह कथित घटना 8 जुलाई को दलित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी है. ये प्रदर्शनकारी कॉलेज छात्रा ललिता गौतम की हत्या की जांच को खराब बताकर विरोध कर रहे थे. ललिता का शव 15 मई को मेरठ के रोहटा इलाके के एक खेत में मिला था. हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा 8 जुलाई को तब और बढ़ गया था जब प्रदर्शनकारियों ने मेरठ कलेक्ट्रेट का गेट लगभग तीन घंटे तक जाम कर दिया था. वे जिला प्रशासन के साथ बैठक और मुख्य आरोपी अंकित की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. वे हत्या के लिए अंकित को जिम्मेदार ठहरा रहे थे. बाद में विरोध प्रदर्शन तब हिंसक हो गया था जब एसएसपी पांडे के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. इसके बाद पुलिस ने 63 प्रदर्शनकारियों -पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.
इस बीच, मेरठ पुलिस ने भाटी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. एक्स पर पोस्ट किए गए एक आधिकारिक बयान में पुलिस ने कहा कि दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव के खिलाफ पहले ही कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं और दोनों अपने-अपने पुलिस स्टेशनों के हिस्ट्रीशीटर हैं.
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को ये दोनों व्यक्ति अपने खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन आए थे. घर लौटते समय कथित तौर पर उनका स्कूटर फिसल गया जिससे वे गिर गए और उन्हें चोटें आईं. पुलिस ने कहा कि दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने खुद इस घटना के संबंध में सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में एक लिखित आवेदन दिया था जिसे शाम 5:31 बजे जनरल डायरी एंट्री नंबर 53 में दर्ज किया गया था.
वहीं, यह मामला सामने आने पर मेरठ के एसएसपी अविनाश पाण्डेय का तबादला कर दिया गया है. अविनाश पाण्डेय को मेरठ एसएसपी के पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. वहीं, झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बनाया गया है.
By IANS
