11.45 करोड़ के इनाम में से वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतने वाले डी गुकेश को मिलेंगे केवल इतने करोड़?, जानिए ऐसा क्यों
डी गुकेश की फाइल फोटो (आईएएनएस)
भारत के डी गुकेश ने 12 दिसंबर को चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया था. ऐसा करके उन्होंने इतिहास रच दिया था. उनके नाम सबसे युवा चैंपियन बनने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था. जिस उम्र में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की उसको कोई और इससे पहले (डी गुकेश की उम्र का) हासिल नहीं कर पाया है. डी गुकेश केवल 18 साल के है.
यह वर्ल्ड चैस चैंपियनशिप सिंगापुर में हुई थी. इस बड़ी जीत को हासिल करने पर देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डी गुकेश को बधाई दी थी. बधाई देने वालों में देश के कई दिग्गज नेता शामिल थे.
डी गुकेश द्वारा वर्ल्ड चैंपियनशिप में इतिहास रचने के बाद उनपर पैसों की बारिश हुई और एक बड़ा प्राइस मनी मिला. हालांकि इसमें से कुछ अमाउंट उन्हें टैक्स के तौर पर देना पड़ जाएगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डी गुकेश को इनाम के तौर पर 25 लाख डॉलर का अमाउंट मिला है. उनके हिस्से में 13 लाख डॉलर यानि 11.45 करोड़ रुपये आए है. इसमें तीन मैचों में जीत से मिले 5.04 करोड़ रुपये भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें प्राइज मनी में से 42.5 प्रतिशत यानि 4.09 करोड़ रुपये टैक्स के तौर पर देना पड़ेगा. ऐसे में गुकेश के पास सिर्फ 7.36 करोड़ रुपये ही बचेंगे.
भारत में टैक्स एनुअल इनकम पर भले ही टैक्स स्लैब के मुताबिक लगता हो, लेकिन प्राइस मनी या ऑनलाइन गेम से जीती गई रकम पर टैक्स का नियम अलग है. बिजनेस टुडे के मुताबिक, भारत में प्राइस मनी ‘अन्य सोर्स से इनकम’ के तहत आती है, जिस पर 30 फीसदी की रेट से टैक्स लगता है. इसमें 15 फीसदी सरचार्ज (1 करोड़ रुपये से ज्यादा आय के लिए) भी लगता है. साथ ही 4 फीसदी स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर लगता है.
क्योंकि डी गुकेश एक भारतीय निवासी है और प्राइस मनी संभवतः भारत में ही दी गई है इसलिए इनाम की राशि पर मुख्य रूप से भारतीय नियमों के तहत टैक्स लगाया जाएगा.
टैक्स कैलकुलेशन
• बेसिक टैक्स (30%): ₹11.45 करोड़ × 30% = ₹3.43 करोड़
• सरचार्ज (15%): ₹3.43 करोड़ × 15% = ₹50.52 लाख
• हेल्थ एंड एजुकेशनल सेस (4%): ₹3.43 करोड़ × 4% = ₹13.74 लाख
• कुल मिलाकर गुकेश की कुल टैक्स देनदारी लगभग ₹4.09 करोड़ है.
डी गुकेश को इससे भी ज्यादा टैक्स भरना पड़ेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया 5 करोड़ रुपये की प्राइस भी टैक्स के दायरे में आती है.
टैक्स कैलकुलेशन
• बेसिक टैक्स (30%): ₹5 करोड़ × 30% = 1.5 करोड़
• सरचार्ज (37%): ₹1.5 करोड़ × 37% = ₹55.5 लाख
•सेस (4%): 4% (₹1.5 करोड़ + ₹55.5 लाख) = ₹8.2 लाख
• इससे कुल टैक्स देनदारी लगभग ₹2.14 करोड़ हो जाती है जिससे गुकेश के पास ₹2.86 करोड़ ही बचेंगे.
कुल मिलाकर, गुकेश की ₹11.45 करोड़ और ₹5 करोड़ की कुल प्राइस पर लगभग ₹6.23 करोड़ का भारी टैक्स देना पड़ रहा है, जिसमें कटौती के बाद उनके पास लगभग ₹10.22 करोड़ ही बचेंगे.
Hindi Post Web Desk
