NCP में दो फाड़.. भतीजे अजित पवार ने मिलाया भाजपा से हाथ.. फिर क्यों शरद पवार प्रधानमंत्री मोदी को दे रहे “धन्यवाद”

Sharad Pawar (1) (2)
The Hindi Post

पुणे | अपने भतीजे अजित पवार द्वारा रविवार को पार्टी के दो फाड़ करने के बाद “शांत” नजर आए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘धन्यवाद’ दिया और उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आज के घटनाक्रम के लिए ‘दोषी’ ठहराया.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्‍थापक 83 वर्षीय शरद पवार ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी हाल ही में मोदी ने कांग्रेस-एनसीपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

उन्‍होंने कहा, “आज उनकी (प्रधानमंत्री मोदी) पार्टी (भाजपा) ने उन्‍हीं लोगों से हाथ मिलाया और उसी पार्टी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के कुछ लोगों को (मंत्री के रूप में) शपथ दिलाई है, जिनके खिलाफ मोदी ने उंगली उठाई थी. इसका मतलब है कि मोदी के आरोप बेबुनियाद थे और अब हम सभी आरोपों से ‘मुक्त’ हैं. मैं इसके लिए उनका आभारी हूं… मैं पूछताछ (ED की पूछताछ) का सामना कर रहे उन लोगों के लिए खुश हूं जिन्होंने आज शपथ ली है.”

एनसीपी सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी के कुछ नेता ईडी जैसी विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच को लेकर असहज थे और पीएम के आरोपों के बाद वे बहुत असहज हो गए थे, जिसके चलते उन्होंने रविवार को यह कदम उठाया (महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए).

शरद पवार ने कहा, “हालांकि, जो लोग गए हैं उनमें से कई मेरे संपर्क में हैं… “. उन्होंने यह भी कहा है कि वे (वो विधायक जो महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए) अगले दो-तीन दिनों में अपना रुख स्पष्ट कर देंगे.”

पवार ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि अजित (पवार) ने 30 जून को महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के विपक्ष के नेता के रूप में इस्तीफे दे दिया था. उन्होंने अजित पवार पर “एनसीपी को तोड़ने” का आरोप लगाया.

पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-यूबीटी के विपरीत पवार ने कहा कि वह ‘विभाजन’ (पार्टी में टूट) को कानूनी चुनौती नहीं देंगे, और वह जनता की अदालत में जाएंगे और अपना पक्ष रखेंगे.

उन्होंने NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव सुनील तटकरे पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि उन्‍होंने अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से पूरा नहीं किया जिसके कारण विभाजन हुआ. दोनों को राकांपा अध्‍यक्ष ने 10 जून को नई जिम्‍मेदारी सौंपी थी, लेकिन दोनों अजित पवार के साथ चले गए.

एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि आज का घटनाक्रम उनके लिए ‘कोई नई बात नहीं’ है और याद किया कि कैसे 1986 में कई नेताओं ने उनका साथ छोड़ दिया था और उनके पास केवल पांच लोग बचे थे, जिनके साथ उन्होंने पूरी पार्टी का पुनर्निर्माण किया था.

“हम अब पार्टी का पुनर्निर्माण करेंगे… अब कोई दूसरा रास्‍ता नहीं है. आप जल्द ही पार्टी में नए नेताओं को सामने आते देखेंगे जो राज्य और देश के बारे में चिंतित हैं.”

पवार ने यह भी कहा कि उनके पास देश भर से फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई है. कॉल करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष तथा पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं, जो अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं.

आईएएनएस


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