युद्धविराम के बीच क्या ईरान से बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ?
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
युद्धविराम के बीच क्या ईरान से बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ?
वॉशिंगटन | अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हंगरी की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद इस सप्ताह के अंत में इस्लामाबाद के लिए रवाना होंगे जहां वह ईरान के साथ वार्ता के लिए एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा हो गई है। ट्रंप प्रशासन इस संघर्ष विराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर रहा है.
व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि वार्ता टीम में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल होंगे. इससे संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन अब कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहता है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से कहा, “मैं यह घोषणा कर सकती हूं कि राष्ट्रपति इस सप्ताहांत वार्ता के लिए अपनी टीम इस्लामाबाद भेज रहे हैं। इसका नेतृत्व अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस, विशेष दूत विटकॉफ और जेरेड कुशनर करेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “इन वार्ताओं का पहला दौर शनिवार को होगा.”
हंगरी से स्वदेश लौटते समय मीडिया से बात करते हुए वेंस ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान और ईरान के बीच समानांतर कूटनीतिक बातचीत पहले ही तय हो चुकी है. अब हमारी बातचीत वीकेंड पर शुरू होगी। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा कदम है.”
यह बातचीत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के बाद घोषित दो हफ्ते के सीजफायर के बाद होगी. इस सीजफायर को लेकर सरकार का कहना है कि अमेरिका ने ईरान की मिलिट्री क्षमता को काफी कम कर दिया है.
प्रेस सचिव लेविट ने कहा, “यह अमेरिका की जीत है जिसे राष्ट्रपति और हमारी जबरदस्त सेना ने मुमकिन बनाया.” व्हाइट हाउस के मुताबिक, मिलिट्री ऑपरेशन के दबाव ने तेहरान को सीजफायर करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर राजी होने के लिए मजबूर किया.
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