“वो सीजफायर के लिए गुहार लगा रहे थे क्योंकि…”, बोला अमेरिका, बताया ईरान में क्या-क्या हुआ तबाह
“वो सीजफायर के लिए गुहार लगा रहे थे क्योंकि…”, बोला अमेरिका, बताया ईरान में क्या-क्या हुआ तबाह
पश्चिम एशिया में जारी जंग दो सप्ताह के लिए सीजफायर के साथ थम चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के युद्ध विराम का ऐलान किया है. कुछ देर बाद ईरान की तरफ से भी ट्रंप की घोषणा को स्वीकार करते हुए होर्मुज स्ट्रेट खोलने की बात कही गई. वही, अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस सीजफायर समझौते के साथ ‘पूर्ण जीत’ का दावा किया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान सीजफायर के लिए गुहार लगा रहा था क्योंकि वह बुरी तरह से थक चुके थे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे संभव बनाया है.
सीजफायर के ऐलान के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए हेगशेथ ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की जबरदस्त कामयाबी का दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका और इजरायल को बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने कहा, “ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका और इजरायल को बड़ी सफलता मिली है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है. पूरी खाड़ी क्षेत्र के लिए खतरा बनी ईरानी नौसेना को खत्म कर दिया गया है. इसके अलावा ईरान के रक्षा उद्योग के ढांचे को भी काफी हद तक नष्ट कर दिया गया है.”
हेगसेथ ने कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के साथ अमेरिकी सेना ने अपने इजरायली साथियों के साथ मिलकर सारे उद्देश्य पूरे कर लिए हैं. सेंट्रल कमांड ने अमेरिका की कुल सैन्य ताकत का 10 फीसदी से भी कम का इस्तेमाल करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक को ध्वस्त कर दिया. दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने वाले देश’ ने खुद को, अपने लोगों को और अपने क्षेत्र को बचाने में पूरी तरह असमर्थता दिखाई. हमने अपनी ताकत का सिर्फ एक छोटा हिस्सा इस्तेमाल किया और ईरान को विनाशकारी सैन्य हार झेलनी पड़ी.”
हेगसेथ के बयान के बाद अमेरिका सेना के प्रमुख जनरल डैन केन ने इस समझौते को केवल एक ठहराव करार दिया. कैन ने कहा, “सभी पक्षों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि ईरान के साथ किया गया यह दो सप्ताह का युद्धविराम केवल एक ठहराव है. किसी भी स्थिति के लिए हमारी सेनाएं पूरी तरह से तैयार हैं.
28 फरवरी को ईरान पर हमले की वजह से शुरू हुआ पश्चिम एशिया का युद्ध दो सप्ताह के युद्ध विराम के साथ थम गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते का ऐलान करते हुए कहा कि दोनों पक्ष युद्ध विराम पर सहमत हुए हैं. इसका मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुनिश्चित करना है. अमेरिका और ईरान दोनों ही देशों ने इस समझौते को अपनी-अपनी जीत करार दिया है. अमेरिका ने इसे पूर्ण जीत करार दिया है, वहीं ईरान ने भी अपनी जनता के सामने इसे जीत की तरह पेश किया है.
