सीजफायर के बाद ट्रंप का नया धमाका, ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों के खिलाफ उठाया यह सख्त कदम
फोटो क्रेडिट : आईएएनएस
सीजफायर के बाद ट्रंप का नया धमाका, ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों के खिलाफ उठाया यह सख्त कदम
नई दिल्ली | मिडिल ईस्ट में 40 दिन तक चले तनाव और जंग के असर से जूझ रही दुनिया ने जैसे ही ईरान-अमेरिका सीजफायर की खबर सुनी, तो उनके बीच राहत की उम्मीद जगी. लेकिन इस ऐलान के तुरंत बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान ने सबकी चिंता बढ़ा दी.
शांति की उम्मीद करने वालों के सामने एक बार फिर ट्रंप का ‘टैरिफ जिन्न’ निकलकर सामने आ गया है. ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि बिना किसी छूट के अमेरिका को निर्यात होने वाले सभी सामानों पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाया जाएगा.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ”जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, अमेरिका को बेचे जाने वाले उसके सभी सामानों पर तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा. इसमें कोई छूट या रियायत नहीं मिलेगी.”
वहीं, संघर्ष विराम की घोषणा पर लॉ-मेकर्स की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. अमेरिकी राजनीतिक हलकों में इस घोषणा की तीखी बंटी हुई प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ लॉ-मेकर्स ने कूटनीति का समर्थन किया तो कुछ ने इसे लेकर सचेत रहने के लिए कहा है.
अमेरिका से साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इजरायल ने भी युद्धविराम के फैसले का समर्थन किया है.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की थी, जिसके बाद ईरान के साथ युद्धविराम ढांचे पर समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया.
वहीं, अमेरिका-ईरान में दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे दुनिया में शांति के लिए बड़ा दिन बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान अब इस स्थिति से थक चुका है और वह भी शांति चाहता है, ऐसे में अब तेहरान पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है.
साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति और सहयोग की दिशा में बड़ा संकेत दिया है. ट्रंप ने ईरान के साथ मिलकर काम करने की बात कही है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा, जिसके बारे में हमने यह तय किया है कि वह एक बहुत ही सफल ‘सत्ता परिवर्तन’ के दौर से गुजरा है. अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा, और संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, जमीन में बहुत गहराई में दबी हुई सारी परमाणु ‘डस्ट’ को खोदकर बाहर निकालेगा. यह अभी भी और पहले से ही बहुत ही कड़ी सैटेलाइट निगरानी के तहत है.”
ट्रंप ने कहा, “हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है.”
आईएएनएस
सीजफायर के बाद ट्रंप का नया धमाका, ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों के खिलाफ उठाया सख्त कदम
