राजस्थान में कुदरत का रौद्र रूप: पाक सीमा से उठे रेतीले बवंडर ने निगला उजाला, कई जिलों में दिन में ही छाया ‘काली-पीली’ आंधी का अंधेरा!

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रेत का ऐसा भयानक बवंडर देखकर सहम गए लोग / (फोटो क्रेडिट : सोशल मीडिया/ एक्स)

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आसमान से आया रेत का ऐसा भयानक बवंडर कि कांप उठे लोग, दिन में हो गया अंधेरा, मोबाइल पर बजे इमरजेंसी सायरन, देखें खौफनाक VIDEO

 

राजस्थान में शनिवार को मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि कई जिलों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया. पाकिस्तान सीमा की ओर से उठे रेतीले तूफान और बवंडर ने पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू जिलों में अचानक आसमान धूल के गुबार से भर गया और लोगों को दिन में ही वाहनों की हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा. मौसम विभाग के अनुसार, तूफान की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई.

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों की ओर से रेतीली आंधी राजस्थान में प्रवेश कर गई. सबसे पहले इसका असर श्रीगंगानगर जिले में देखने को मिला, जहां कुछ ही देर में मौसम पूरी तरह बदल गया. इसके बाद यह तूफान हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू की ओर बढ़ता गया. चूरू पहुंचते-पहुंचते रेतीले तूफान ने काली-पीली आंधी का रूप ले लिया और दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए. बाद में यह बवंडर सीकर जिले की सीमा में भी प्रवेश कर गया.


बीकानेर जिले के महाजन क्षेत्र से सटे अरजनसर इलाके में विशाल रेत का बवंडर देखने को मिला. स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 5 से 6 वर्षों में इतना भयावह रेतीला बवंडर नहीं देखा गया. कुछ ही मिनटों में चारों तरफ रेत का गुबार छा गया और दृश्यता बेहद कम हो गई. कई स्थानों पर लोगों को घरों और दुकानों में शरण लेनी पड़ी. सड़क पर चल रहे वाहन भी रुकने को मजबूर हो गए. श्रीगंगानगर जिले में भी मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया. श्रीकरणपुर, गजसिंहपुर, बिंझवायला सहित कई इलाकों में तेज अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई. तेज हवाओं के कारण कई जगह टीन-टप्पर उड़ गए, जबकि बिजली के खंभे गिरने की भी खबरें सामने आई हैं. मौसम के इस बदले रूप ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है. फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है.

चूरू में सैंड स्टॉर्म के साथ आई काली-पीली आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया. धूल का घना गुबार छाने से दृश्यता बेहद कम हो गई. वाहन चालकों को दिन में ही लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े. कई क्षेत्रों में लोगों ने मोबाइल पर वीडियो बनाकर इस दुर्लभ मौसमीय घटना को रिकॉर्ड किया. इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, झुंझुनूं,जयपुर और फलोदी जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है. इन क्षेत्रों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक रफ्तार की आंधी, मेघगर्जन, वज्रपात, ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं अलवर, दौसा, भरतपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भी विशेष चेतावनी जारी की है. झुंझुनूं में बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल फोन पर सायरन के साथ इमरजेंसी अलर्ट प्राप्त हुआ. इस अलर्ट में अगले तीन घंटे के दौरान अत्यंत गंभीर मौसम गतिविधियों की चेतावनी दी गई. संदेश में 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई. अचानक मोबाइल पर तेज सायरन बजने और चेतावनी संदेश आने से लोगों में हलचल मच गई.

नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में भी कई लोगों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन चेतावनी संदेश पहुंचा. एक विशेष बीप के साथ आए इस अलर्ट में तेज आंधी और तूफान की चेतावनी दी गई. अचानक मोबाइल स्क्रीन पर संदेश आने से लोगों में डर और चिंता का माहौल देखने को मिला. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है. विभाग का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियां फिलहाल सक्रिय हैं और अगले कुछ घंटों तक कई जिलों में मौसम का मिजाज खतरनाक बना रह सकता है.


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