ममता बनर्जी पर अस्पताल के सीईओ को धमकाने का आरोप, भाजपा नेता ने साझा किया वीडियो
ममता बनर्जी पर एक निजी अस्पताल के सीईओ को धमकाने का आरोप लगा है / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
ममता बनर्जी पर अस्पताल के सीईओ को धमकाने का आरोप, भाजपा नेता ने साझा किया वीडियो
कोलकाता | पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत सरकार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है. उनका दावा है कि इस वीडियो में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कोलकाता के मिंटो पार्क स्थित एक निजी अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को धमकाती हुई दिखाई और सुनाई दे रही हैं.
Mamta threatening CEO of this hospital… just imagine how dangerous this lady is… and she ruled Bengal for so many years… What a respite for Bengalis that this horrible lady lost this time .. pic.twitter.com/JT9rWLX03b
— Niveshak (@TheNiveshak) May 31, 2026
देबजीत सरकार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल प्रमाणपत्र का भी हवाला दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट नहीं मिलने के बावजूद ममता बनर्जी अस्पताल प्रबंधन पर अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने का दबाव बना रही थीं.
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “यह राजनीतिक मकसद से चिकित्सा संस्थानों के दुरुपयोग की चिंताजनक कोशिश है. अस्पतालों का काम मरीजों का इलाज उनकी चिकित्सीय जरूरत के आधार पर करना है, न कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार. डॉक्टरों, प्रशासकों या स्वास्थ्य संस्थानों को डराने-धमकाने की कोई भी कोशिश जनता के भरोसे को कमजोर करती है और लोकतंत्र तथा सुशासन के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है.”
दरअसल, शनिवार दोपहर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने गए थे. बताया गया कि वह कार्यकर्ता चुनाव बाद हुई हिंसा का शिकार हुआ था.
इस दौरान स्थानीय लोगों के एक समूह ने अभिषेक बनर्जी का विरोध किया, जिसमें कई महिलाएं भी शामिल थीं. आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया गया.
इसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला और पहले ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास के पास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए. हालांकि, ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गईं और आरोप लगाया कि अस्पताल उनके भतीजे का उचित इलाज नहीं कर रहा है.
इसके बाद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के मिंटो पार्क स्थित दूसरे निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें जांच के लिए आईसीयू में रखा गया.
अस्पताल में विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है और “भर्ती की जरूरत नहीं” का मेडिकल प्रमाणपत्र जारी कर दिया.
आईएएनएस के पास मौजूद प्रमाणपत्र के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को कोई गंभीर आंतरिक चोट नहीं लगी थी और वह पूरी तरह होश में थे. इसलिए उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं समझी गई. डॉक्टरों ने कुछ दवाइयां लेने की सलाह दी.
जब ममता बनर्जी को यह जानकारी मिली तो उन्होंने नाराजगी जताई. अस्पताल से बाहर निकलते समय उन्होंने आरोप लगाया कि ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास और मिंटो पार्क, दोनों अस्पतालों ने प्रशासनिक दबाव के कारण अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने और उचित इलाज देने से इनकार किया.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “दूसरे अस्पताल के मामले में कोलकाता पुलिस के एक डिप्टी कमिश्नर की ओर से दबाव था कि अभिषेक को भर्ती न किया जाए. पहले उन्होंने फर्जीवाड़े और गुंडागर्दी से चुनाव जीता, फिर अभिषेक पर हमला कराया और अब यह सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाया गया कि उनका सही इलाज न हो सके.”
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया और पश्चिम बंगाल के बाहर किसी भी अस्पताल में अभिषेक बनर्जी के इलाज के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.
इसके बाद ममता बनर्जी अपने भतीजे के साथ अस्पताल से रवाना हो गईं. खबर लिखे जाने तक अभिषेक बनर्जी दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित अपने आवास पहुंच चुके थे.
By IANS
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