बीएलओ पर युवक की हत्या का आरोप, शव के किए कई टुकड़े, तीन बैग में मिले अवशेष, सिर अभी भी गायब
सांकेतिक तस्वीर
बीएलओ पर युवक की हत्या का आरोप, शव के किए कई टुकड़े, तीन बैग में मिले अवशेष, सिर अभी भी गायब
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बादुरिया से रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है. मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) से संबंधित दस्तावेज जमा करने के बहाने बुलाकर 36 वर्षीय युवक की कथित तौर पर हत्या कर दी गई और फिर शव के टुकड़े कर उन्हें नहर में फेंक दिया गया.
मतदाता सूची संशोधन के बहाने बुलाया
मृतक की पहचान बादुरिया के पापिला निवासी नासिर अली (36) के रूप में हुई है. नासिर के परिजनों के अनुसार, 9 फरवरी की शाम उसके पास एक फोन आया था. फोन करने वाले ने खुद को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) बताया और कहा कि मतदाता सूची संशोधन (SIR) के लिए उसे अपने आधार और वोटर कार्ड की फोटोकॉपी लेकर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से तुरंत मिलना होगा. इसके बाद नासिर घर से निकला लेकिन वापस नहीं लौटा.
तीन बैगों में मिले शरीर के टुकड़े
नासिर के लापता होने के बाद अगले दिन उसकी मोटरसाइकिल और जूते चातरा इलाके के पास एक नहर से बरामद हुए. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और स्थानीय बीएलओ रिजवान हसन मंडल उर्फ मोंटू और उसके सहयोगी सागर गेन को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शुक्रवार रात विभिन्न नहरों और पुलों के नीचे तलाशी अभियान चलाया. यहां से तीन अलग-अलग बैगों में पैक नासिर के शरीर के अंग बरामद हुए. हालांकि, मृतक का सिर अभी भी बरामद नहीं हो सका है.
दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार रिजवान हसन बादुरिया के पापिला स्थित बूथ संख्या 22 का बीएलओ है. दोनों आरोपियों को बसीरहाट उप-मंडलीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
मृतक की पत्नी, ब्यूटी खातून बीबी ने बताया कि रिजवान उनके पति का दोस्त है और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. उन्होंने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है. पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे के मुख्य मकसद का पता लगाने और शरीर के बाकी हिस्सों को बरामद करने में जुटी है.
आईएएनएस/हिंदी पोस्ट डॉट इन
