समाजवादी पार्टी से निष्कासित किए जानें पर विधायक पूजा पाल ने दी पहली प्रतिक्रिया, बोली – “30 सालों से …”

Pooja Pal SP MLA IANS (1) (1)

विधायक पूजा पाल की फाइल फोटो (आईएएनएस)

The Hindi Post

लखनऊ | यूपी के कौशांबी से विधायक पूजा पाल को गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी से निष्कासित कर दिया. सपा से निष्कासन के बाद उन्होंने सपा पर आरोप लगाए.

पूजा पाल ने कहा कि 30 साल से महिलाओं के आंसू इन लोगों को नजर नहीं आ रहे थे. माफिया का एनकाउंटर उनको नागवार गुजर रहा है.

विधायक पूजा पाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मैंने पहले भी तारीफ की थी. मेरे अलावा, प्रयागराज की जनता ने भी भय मुक्त वातावरण के लिए सीएम योगी का आभार व्यक्त किया है. मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मैंने माफिया अतीक अहमद का नाम लिया और अपने निजी जीवन के बारे में बताया. अतीक के बारे में बात करने पर मेरा निष्कासन किया गया है.”

उन्होंने कहा, “उन्हें कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की तारीफ पर पार्टी से निकाला गया. अभी तक ऐसा कदम क्यों नहीं उठाया गया था? मेरे सदन में बोलने के बाद ऐसा कदम उठाया गया है. उन्होंने सदन में किसी पार्टी या राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम नहीं लिया. मेरे साथ माफिया अतीक ने घटना की थी. इस कारण मैंने उसकी चर्चा की थी. मुख्यमंत्री ने मुझे न्याय दिया. मैंने उनको धन्यवाद दिया था. इसके अलावा तो मैंने कोई अपराध किया नहीं था. अतीक को सजा मिली और इसी कारण मैंने धन्यवाद दिया था.”

विधायक ने कहा, “पूरा यूपी अतीक से परेशान था. उसने न जाने कितनी बहन-बेटियों की मांग सूनी कर दी. उसके बेटे ने दिनदहाड़े हत्या कर दी थी. उसका एनकाउंटर हो गया, जो इन लोगों को नागवार गुजरा. मुझे हटाए जाने का कोई टेंशन नहीं है, जो हुआ सो हुआ. मैं जनता के लिए काम करती हूं. जनता हमें समर्थन देती है और समर्थन देती रहेगी. पार्टी को निर्णय लेने से पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी. इन लोगों (सपा के लोगों) को गरीबों और महिलाओं के आंसू नहीं दिखे जो पिछले 30 साल से पीड़ित थीं. इनको माफिया के बच्चे मारे गए, यह नजर आ रहा है.”

पूजा पाल को पार्टी से निकाले जाने पर सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा, “उनको बहुत पहले पार्टी से निकाला जाना चाहिए था. ऐसे लोग न जनता के सगे हैं, न ही पार्टी के. अखिलेश यादव के कारण उन्हें वोट मिले थे. बहुत पहले उन्हें पार्टी से निकाला जाना चाहिए था.”

समाजवादी पार्टी (सपा) की बागी विधायक पूजा पाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. विधायक पूजा पाल ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की थी.

उन्होंने एक बयान में कहा था कि अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति से उन्हें भी न्याय मिला है.

IANS

 


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!