दिल्ली दंगा मामला: कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

Kapil Mishra (1) (1)
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दिल्ली दंगा मामला: कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

 

नई दिल्ली | साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस स्तर पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देना उचित नहीं है.

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान कथित भूमिका को लेकर कपिल मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं. याचिका में आरोप लगाया गया था कि 23 फरवरी 2020 को कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा और कुछ अन्य लोग सड़क जाम कर रहे थे तथा रेहड़ी-पटरी वालों के ठेले तोड़ रहे थे.

याचिकाकर्ता का यह भी दावा था कि घटना के समय वहां पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. इस आधार पर अदालत से स्वतंत्र जांच और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में पहले ही व्यापक जांच की जा चुकी है. पुलिस के अनुसार, उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच में कपिल मिश्रा की कथित भूमिका को लेकर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है.

दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि दंगों के संबंध में दर्ज सैकड़ों एफआईआर में भी कपिल मिश्रा का नाम सामने नहीं आया है. पुलिस ने कहा कि जांच एजेंसियों ने सभी पहलुओं की जांच की है और अब तक के साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का कोई आधार नहीं बनता.

आपको बताते चलें, दिल्ली में हुए दंगे में कई लोगों की मौत हो गई थी और करीब 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. हिंसा की शुरुआत नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी, जहां कई स्थानों पर हालात बेकाबू हो गए थे.

दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार में कपिल मिश्रा कानून और न्याय मंत्री है.

 


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