रात के 2 बजे बस स्टॉप पर अकेले खड़ी थी महिला, मनचले समझने लगे शिकार, फिर जो हुआ उसने उड़ा दिए होश…., VIDEO
रात के 2 बजे बस स्टॉप पर अकेले खड़ी थी महिला, मनचले समझने लगे शिकार, फिर जो हुआ उसने उड़ा दिए होश…., VIDEO
हैदराबाद | तेलंगाना के मलकाजगिरी की नवनियुक्त पुलिस आयुक्त बी. सुमति को रात में शहर की सड़कों पर एक आम महिला बनकर खड़े होने के दौरान कई लोगों ने परेशान किया. बताया जा रहा है कि कुछ ही मिनटों में करीब 40 पुरुषों ने उन्हें परेशान किया.
महिलाओं की रात के समय सुरक्षा का आकलन करने के लिए आईपीएस अधिकारी ने यह साहसिक कदम उठाया. वह दिलसुखनगर में आधी रात के बाद अकेले सड़क पर खड़ी रहीं.
एक सामान्य महिला के रूप में खुद को पेश करते हुए सुमति बस स्टैंड पर अकेली इंतजार करती रही. पुलिस के अनुसार, कुछ ही मिनटों में लगभग 40 पुरुष उनके पास आए और कथित रूप से उन्हें परेशान किया.
पुलिस ने बताया कि इनमें से कई लोग नशे में थे और उन्होंने अश्लील टिप्पणियां की और गलत व्यवहार किया. पुलिस टीमें जो पास में ही थी ने हिरासत में ले लिया. बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.
In a bold move, newly appointed Malkajgiri CP Sumathi stood alone at city streets past midnight like a common woman to check safety. Nearly 40 men approached her, many drunk, passing vulgar comments and making advances. All detained, counselled, and warned. The move if wideky… pic.twitter.com/ybduybPIxm
— Ashish (@KP_Aashish) May 6, 2026
यह अंडरकवर ऑपरेशन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता को उजागर करता है खासकर रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर.
मलकाजगिरी, ग्रेटर हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले चार पुलिस कमिश्नरेट्स में से एक है. पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन का उद्देश्य महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ सख्त संदेश देना था.
सुमति को हाल ही में मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. पद संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही उन्होंने ऐसा कदम उठाया.
यह उनका पहला ऐसा प्रयोग नहीं है. 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी ने पहले भी डीएसपी रहते हुए काजीपेट रेलवे स्टेशन के पास इसी तरह का ऑपरेशन किया था.

सुमति ने 2001 में ग्रुप-1 डीएसपी के रूप में करियर शुरू किया और बाद में आईपीएस में चयनित होकर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया.
कमिश्नर बनने से पहले वह इंटेलिजेंस विभाग में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर थीं और नक्सलियों के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सराही गईं थी.
पिछले दो वर्षों में उनके संवाद-आधारित प्रयासों से 591 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. वह वरिष्ठ माओवादी नेता तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी के आत्मसमर्पण से जुड़ी वार्ताओं में भी शामिल रहीं है.
आईएएनएस
हैदराबाद : आधी रात को आम महिला बनकर सड़क पर खड़ी रही पुलिस अधिकारी, 40 पुरुषों ने किया परेशान
