भारत में कितने लोग है शराब के आदी, केंद्रीय मंत्री ने लोक सभा में बताया

liquor liquor shop AI photo Depositphotos_848820210_XL (1) (1)
The Hindi Post

भारत में कितने लोग है शराब के आदी, केंद्रीय मंत्री ने लोक सभा में बताया

 

नई दिल्ली | देश की बड़ी आबादी नशे की चपेट में है. सबसे ज्यादा सेवन शराब का होता है. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने लोकसभा में लिखित उत्तर देकर बताया कि राष्ट्रीय सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत में 18 से 75 साल के करीब 15.10 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं.

बीएल वर्मा ने बताया कि शराब के बाद 2.90 करोड़ लोग गांजा (कैनाबिस), 1.90 करोड़ लोग ओपिओइड, 1.10 करोड़ लोग नींद की दवाओं (सेडेटिव्स) और 60 लाख लोग इनहेलेंट्स (सूंघकर इस्तेमाल किए जाने वाले नशीले पदार्थ) का सेवन करते हैं.

उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नशे की मांग को कम करने, नशा मुक्ति, पुनर्वास और सामाजिक न्याय से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लगातार मजबूत कर रहा है ताकि समय पर आर्थिक सहायता, अधिक पारदर्शिता और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें.”

उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय ने फंड जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने, नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और देशभर में पुनर्वास सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए हैं.

राज्य मंत्री ने बताया कि विभाग ने विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्रस्तावों की समय पर जांच और फंड जारी करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था बनाई है.

उन्होंने कहा कि नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन और अटल वयो अभ्युदय जैसी योजनाओं को लागू करने वाले एनजीओ को अनुदान देने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू किया गया है. इससे दस्तावेजों की जरूरत कम हुई है और प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी बना है.

बीएल वर्मा ने कहा कि मंत्रालय नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन के तहत वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित व्यापक रणनीति लागू कर रहा है.

उन्होंने बताया कि यह रणनीति नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा किए गए भारत में नशे के इस्तेमाल के पहले राष्ट्रीय सर्वेक्षण पर आधारित है.

सर्वेक्षण के अनुसार, 10 से 17 वर्ष के बच्चों और किशोरों में करीब 40 लाख ओपिओइड उपयोगकर्ता, 30 लाख शराब पीने वाले, 30 लाख इनहेलेंट्स का इस्तेमाल करने वाले और 20 लाख गांजा इस्तेमाल करने वाले हैं. इससे पता चलता है कि जागरूकता, रोकथाम और इलाज की दिशा में लगातार प्रयासों की जरूरत है.

लिखित जवाब में बताया गया कि 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया नशा मुक्त भारत अभियान, जिसे अगस्त 2023 में देश के सभी जिलों तक बढ़ा दिया गया, अब नशे के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े जागरूकता अभियानों में से एक बन चुका है.

अब तक इस अभियान के जरिए 29.68 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है. इनमें 11.43 करोड़ से अधिक युवा और 8.05 करोड़ महिलाएं शामिल हैं.

साथ ही 1.17 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र भी इस अभियान से जुड़े हैं जिससे समाज की भागीदारी और मजबूत हुई है.

इसके अलावा, 28.29 लाख से अधिक लोगों का इलाज और पुनर्वास किया गया है. वहीं, देशभर के 21.73 लाख शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए गए हैं.

बीएल वर्मा ने कहा कि इलाज की सुविधा लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए मंत्रालय ने नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिसकी मदद से लोग अपने नजदीकी नशा मुक्ति केंद्र का पता लगा सकते हैं.

उन्होंने बताया कि 2024-25 में 55 नए जिला नशा मुक्ति केंद्र स्वीकृत किए गए, जबकि 2025-26 में 21 और नए केंद्र शुरू किए गए हैं. इससे देश में नशा मुक्ति सेवाओं का ढांचा और मजबूत हुआ है.

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!