महिला ड्रग इंस्पेक्टर का घूस मांगने का वीडियो वायरल, बोली- “काम करवाना है न अपना.. तो मेरे साथ बनियागिरी मत कर.. बनिया नहीं हूं मैं …..”, सरकार ने किया सस्पेंड

Nidhi Pandey (1) (1)
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक ड्रग इंस्पेक्टर कथित तौर पर घूस मांगते हुए दिख रही है. वीडियो के आधार पर शासन ने ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित कर मुख्यालय से अटैच कर दिया है. सरकार के इस एक्शन से खुश होकर केमिस्टों ने ढोल बजवाकर डांस किया.

दरअसल, यह पूरा मामला यूपी के शामली का है. यहां ड्रग इंस्पेक्टर निधि पांडेय कथित तौर पर घूस मांग रही थी. वह एक केमिस्ट से कथित तौर पर घूस मांगते हुए वीडियो में नजर आ रही है. यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और सरकार ने एक्शन ले लिया.

बीते दिनों ड्रग इंस्पेक्टर निधि पांडेय ने एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था. इस दौरान ओके रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगी थी. तभी किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो वायरल हुआ तो अब शासन ने ड्रग्स इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया.

क्या है वायरल वीडियो में?

निधि पांडेय से एक कर्मचारी कहता है कि मैडम इसने (केमिस्ट) सब्जी मंडी लगा रखी है. कभी 25000 कहता है तो कभी 30000 कहता है. वही ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल स्टोर संचालक को धमकाते हुए कहती है कि मुझसे बहस मत करना. मैं खुद चाहती हूं कि तुम्हारी दुकान चलती रहे. यह तुमने FIR का काम कर रखा है. तुम्हारे यहां NRX (एंटीनाकोटिक्स) भी रखा है. तू चाहता है कि मैं डर कर सौदा करूं. काम शुरू करना है ना अपना. तो मेरे साथ यह बनियागिरी मत कर. बनिया नहीं हूं….

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे निधि पांडेय मेडिकल संचालक से कह रही हैं- “बार्गेनिंग न करियो, दुकान चलानी है या नहीं, अगर चलानी है तो जो पैसा बताया है निकाल. नहीं तो तेरे यहां इतनी कमियां हैं, सीधे एफआईआर होगी. अब तू खुद देख ले.”

आपको बता दें कि निधि पांडेय के निलंबन के संबंध में प्रमुख सचिव पी. गुरूप्रसाद द्वारा आदेश जारी किया गया है. इसमें प्रथम दृष्टया रिश्वत हेतु मोलभाव करने, दवा व्यापारी को धमकाने, प्रताड़ित करने एवं अवैध रूप से औषधि व्यापार संचालित कराने में उनकी भूमिका परिलक्षित हो रही है, जो गंभीर कदाचार है तथा भ्रष्टाचार के विरूद्ध सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति का स्पष्ट उल्लंघन है.

फिलहाल, निधि पांडेय को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के नियम-4 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरूद्ध उक्त नियमावली के नियम-7 के अंतर्गत विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई संस्थित करते हुए आरोपों की जांच के लिए सहायक आयुक्त (औषधि), मुरादाबाद मण्डल को जांच अधिकारी नामित किया गया है.

केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज सिंह मलिक ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई के चलते शामली जिलाधिकारी और प्रदेश शासन का आभार व्यक्त किया है.

इस पूरे मामले में एडीएम परमानंद झा जी का कहना है कि जांच के लिए डीएम साहब ने तीन अधिकारियों की टीम गठित की थी. वायरल वीडियो के आधार पर और मेडिकल स्टोर स्वामी अनीस अंसारी से बात की गई, जिसके यहां ड्रग्स इंस्पेक्टर ने छापा मारा था. अनीस के बयान और जांच-पड़ताल के बाद निधि पांडेय को डीएम द्वारा निलंबित कर दिया गया है.

 


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