धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन समाप्त करने पर क्या बोले अन्ना हजारे ?
समाजसेवी अन्ना हजारे / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन समाप्त करने पर क्या बोले अन्ना हजारे ?
वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त करने के निर्णय का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है जहां हर किसी को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है.
यूपीए सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व कर चुके 89 वर्षीय अन्ना हजारे ने जोर देकर कहा कि हिंसा, तनाव और टकराव से किसी भी समस्या का हल नहीं निकलता, बल्कि इससे समाधान में देरी होती है. लोकतंत्र में किसी भी जटिल मुद्दे का अंतिम और स्थायी हल केवल सार्थक बातचीत से ही संभव है.
अपने अहिंसक आंदोलनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन में बिना हिंसा का सहारा लिए 22 बार भूख हड़ताल की है. इसी गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके के कारण ही मैं 10 महत्वपूर्ण कानून बनवा सका. सरकार को भी जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.”
Ahilyanagar, Maharashtra: Veteran social activist Anna Hazare says, “…I have undertaken 22 hunger strikes and have never resorted to violence. As a result, 10 laws were enacted. This is an important lesson, violence is never the right path. No matter who you are, you should… pic.twitter.com/ve82wjYkH1
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे ने हाल ही में सोनम वांगचुक के अनशन का भी समर्थन किया था और सरकार से संवेदनशीलता बरतने की अपील की थी. उनके अनुसार, जनहित से जुड़े मुद्दों को लोकतंत्र की मर्यादा में रहकर ही सुलझाया जाना चाहिए.
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