ईरान में घुसकर कैसे अपने पायलट को सुरक्षित निकाल लाया अमेरिका ? जानकारी आई सामने….

F-15 E fighter jet

फोटो क्रेडिट : आईएएनएस

The Hindi Post

ईरान में घुसकर कैसे अपने पायलट को सुरक्षित निकाल लाया अमेरिका ? जानकारी आई सामने….

 

 

नई दिल्ली | अमेरिकी सेना ने ईरानी हमले में ढेर हुए फाइटर जेट के एक लापता पायलट को ढूंढ निकाला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी. इस बीच, अमेरिकी मीडिया ने बताया कि कैसे यूएस की सेना ने ईरानी हमले में ढेर एफ-15ई फाइटर जेट के पायलट को दुश्मन के इलाके से रेस्क्यू करने के लिए ऑपरेशन चलाया.

सीएनएन के प्रमुख सुरक्षा विश्लेषक जिम स्यूटो ने सूत्रों के हवाले से कहा कि जिस पायलट का फाइटर जेट ईरानी सेना ने मार गिराया था, उसने शुक्रवार को दुश्मन की लाइन के पीछे से अमेरिकी सेना से संपर्क किया था. इसी के साथ अमेरिकी सेना के इस एक्सट्रैक्शन ऑपरेशन की शुरुआत हुई.

स्यूटो ने कहा कि अमेरिकी सेना ने पश्चिमी समयानुसार, उस दिन दोपहर में लापता हुए पायलट से शुरुआती बातचीत की थी, जिसके बाद अधिकारियों ने उसे ढूंढने की कोशिश जारी रखी.

उन्होंने कहा, “मुझे यह भी बताया गया कि इजेक्शन के दौरान शुरू में वह घायल हो गया था, जिससे जाहिर है दूसरी मुश्किलें भी आईं क्योंकि अमेरिकी सेना को उसे सुरक्षित बाहर निकालने, उन चोटों का इलाज करने की चिंता थी.”

सियुट्टो ने कहा कि ऑपरेशन शानदार था और उन्होंने यह भी कहा कि इसमें सेवा सदस्य को ढूंढने के लिए कम ऊंचाई पर उड़ने वाले एयरक्राफ्ट शामिल थे. कम ऊंचाई पर उड़ने की वजह से एयरक्राफ्ट में आग लगने का खतरा था.

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह एक जबरदस्त रेस्क्यू था, जो कई घंटों तक चला. इसे अंधेरे में शुरू किया गया था लेकिन दिन के उजाले में भी चलता रहा.

2008 में इराक में पर्सनल रिकवरी सेंटर के पूर्व डायरेक्टर रवि चौधरी ने बचाए गए अमेरिकी क्रू मेंबर की सराहना की और कहा कि उन्होंने अपनी ट्रेनिंग को पूरी सटीकता के साथ किया.

चौधरी ने सीएनएन से कहा, “क्रू मेंबर शायद बहुत मुश्किल माहौल में छिपे हुए थे, जिसमें उन्हें बचाव बलों को अलर्ट करना था, जिसमें उपकरण और सिग्नलिंग सहित कई तकनीक का इस्तेमाल करना था, जिसमें फ्लेयर भी शामिल था. आप जानते हैं कि रेस्क्यू रिकवरी बलों को सिग्नल देने के बहुत सारे तरीके हैं, लेकिन साथ ही, उस इलाके में मौजूद दुश्मन ताकतों को अलर्ट नहीं करना था.”

एयर फोर्स सी-17 के रिटायर्ड पायलट रवि चौधरी ने एयर फोर्स में सहायक सचिव के तौर पर भी काम किया है. उन्होंने भी ऑपरेशन को अंजाम देने में शामिल लोगों की सराहना की और इसे बहुत बड़ा काम बताया.

रवि चौधरी ने कहा, “हमारा पर्सनल रिकवरी नेटवर्क ऐसे लोगों से भरा हुआ है जिनका एक ही मकसद है और वह है पायलट को उनके परिवारों के पास वापस घर पहुंचाना और हम यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ भी करेंगे. हमारा मकसद है ताकि दूसरे भी जी सकें.”

IANS

ईरानी हमले में क्रैश हुए एफ-15ई के पायलट ने पहले अमेरिकी सेना से किया था संपर्क, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन


The Hindi Post
error: Content is protected !!