अमेरिकी प्रोफेसर का दावा, कोविड अमेरिकी लैब से लीक हुआ, वुहान लैब से नहीं

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लंदन | अमेरिकी अर्थशास्त्री जेफरी सैस ने दावा किया है कि कोविड-19 वायरस चीन की कुख्यात वुहान लैब के बजाय अमेरिका की एक प्रयोगशाला से लीक हुआ है.

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, जेफरी सैस ने कोविड-19 वायरस की उत्पत्ति जानने के लिए बनी जांच टीम का नेतृत्व किया और वह काफी आश्वस्त है कि वायरस ‘यूएस लैब बायोटेक्नोलॉजी’ का परिणाम था.

सैस ने स्पेनिश वैश्वीकरण थिंक-टैंक गेट सेंटर द्वारा आयोजित एक वैश्विक सम्मेलन में कहा, मैंने कोविड पर दो साल, लैंसेट के लिए एक आयोग की अध्यक्षता की है. मुझे पूरा विश्वास है कि यह यूएस लैब बायोटेक्नोलॉजी से निकला है.

फोटो: आईएएनएस
फोटो: आईएएनएस

महामारी के दो साल बाद भी, कोविड -19 की उत्पत्ति स्पष्ट नहीं है. वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिकों और राजनेताओं के बीच राजनीतिक और वैज्ञानिक बहस रही है कि कोरोनावायरस चमगादड़ से लोगों में फैला या यह एक प्रयोगशाला से लीक हो गया है.

पिछले महीने, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेडोस एडनॉम घेबियस ने कहा था कि कोविड लैब से लीक हुआ है या नहीं इसमें जांच की आवश्यकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बाद में एक वरिष्ठ यूरोपीय राजनेता को विश्वास में लेकर निजी तौर पर स्वीकार किया कि कोरोनावायरस की उत्पत्ति चीन की कुख्यात वुहान लैब में हुई.

सैस ने कहा: इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि इसकी जांच की जानी चाहिए और इसकी जांच अमेरिका और कहीं और भी नहीं हो रही है.

प्रतीकात्मक फ़ोटो
प्रतीकात्मक फ़ोटो

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि कोविड की उत्पत्ति अमेरिका में हुई थी या वुहान में अमेरिकी और चीनी वैज्ञानिकों के बीच सहयोग से इसका जन्म हुआ था.

डेली मेल ने कहा कि चीनी सरकारी अधिकारियों ने कहा कि सैस के दावे की गहन जांच होने की जरुरत है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सेलिब्रिटी अर्थशास्त्री जेफरी सैस ने पहले दावा किया था कि महामारी चीनी और अमेरिकी वैज्ञानिकों के बीच किए गए प्रयोगों का परिणाम है.

आईएएनएस


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