UP: गैंगरेप पीड़िता की मौत की गुत्थी उलझी: मेडिकल रिपोर्ट में न जहर की पुष्टि, न प्राइवेट पार्ट पर चोट, तो फिर मौत कैसे?
गाजियाबाद | गाजियाबाद की एक सोसाइटी में गार्ड की नौकरी कर रही 19 वर्षीय युवती की सोमवार को सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. आरोप था की उसके साथ उसकी ही सोसाइटी के सुपरवाइजर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था और इसके बाद उसे जहर पिला दिया था.
इस आरोप के विपरीत मेडिकल रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है की युवती के गुप्तांगों पर कोई चोट का निशान नहीं मिला है और न ही उसकी मौत जहर की वजह से हुई है. अब सवाल उठता है कि आखिर उसकी मौत कैसे हुई?
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर जो प्राथमिकी दर्ज की है उसके अनुसार लड़की के साथ पहले दुष्कर्म हुआ फिर उसे जहर देकर मार डाला. FIR में कहा गया है कि इस कृत में तीन लोग शामिल है. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है लेकिन मेडिकल रिपोर्ट ने गुत्थी उलझा दी है. अब पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है.

मामला क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना इलाके की सृष्टि सोसाइटी का है. पुलिस मुख्य आरोपी मेंटेनेंस सुपरवाइजर अजय को जेल भेज चुकी है. दरअसल झारखंड की रहने वाली 19 साल की युवती काम की तलाश में जुलाई महीने में अपनी मौसी के घर गाजियाबाद आई थी. उसकी मौसी क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के डूंडाहेड़ा में किराए के मकान में रहती है. मौसी ने उसकी नौकरी सृष्टि हाउसिंग सोसाइटी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड लगवा दी थी.
गत 27 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे युवती के मौसेरे भाई ने डायल-112 को कॉल किया था. उसने युवती के साथ गैंगरेप के बारे में जानकारी दी थी. उसने कहा था कि तीन लोगों ने बहन के साथ दुष्कर्म किया. पुलिस के पहुंचने से पहले ही सहकर्मियों ने लड़की को ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी स्थित वृंदावन हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया था. उसी रात को पीड़िता को दिल्ली रेफर कर दिया गया था. यहां वह सफदरजंग हॉस्पिटल में एडमिट रही और 28 अगस्त की सुबह तड़के उसकी मौत हो गई.
मौसेरे भाई ने मेंटेनेंस सुपरवाइजर अजय सहित दो अज्ञात युवकों पर गैंगरेप, मारपीट और कपड़े फाड़ने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए सोमवार को अजय को जेल भेज दिया. सृष्टि हाउसिंग सोसाइटी में 400 से कुछ ज्यादा परिवार रहते हैं. विला दो मंजिल हैं और फ्लैट तीन-तीन फ्लोर के हैं। यह सोसाइटी हाल ही में बिल्डर ने बनाई है, जो अभी आरडब्ल्यूए को हैंडओवर नहीं हुई है.
मृतका के मौसेरे भाई ने बताया है की सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्डों ने परिजनों को घटना की सूचना दी थी. वहां से पता चला कि उसे शाहबेरी के वृंदावन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल पहुंचने पर उसने देखा कि बहन की हालत बहुत गंभीर थी. उसके कपड़े फटे हुए थे. मुंह से झाग आ रहा था. डॉक्टरों ने बताया कि उसने जहर जैसा कुछ खाया हुआ है, इसलिए हालत बिगड़ रही है.

उसी रात डॉक्टरों ने पीडि़ता को दिल्ली रेफर कर दिया था. सोमवार सुबह 4 बजे के आसपास सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी.
जानकारी मिली है की महिला सुरक्षाकर्मी ने सबसे पहली कॉल सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारी को की थी. इसमें उसने बताया था कि ‘सुपरवाइजर अजय ने उसे एक डॉक्यूमेंट लेने के बहाने बुलाया था. जैसे ही वो अंदर गई, तो अजय ने गेट बंद कर लिया और छेड़खानी की. लड़की ने इसका विरोध किया तो उसने ऑफर दिया कि वो पैसों की कमी नहीं होने देगा. साथ ही उसे नया मोबाइल फोन गिफ्ट देगा.
एक महिला सहकर्मी ने पुलिस को बताया है कि मृतका को सांस लेने की दिक्कत थी. तीन दिन पहले भी उसको सांस लेने में कोई तकलीफ हुई थी. ज्यादातर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को बयान दिया है कि पीड़िता जब उनके पास आई थी तो उसने रेप और जहर की कोई बात नहीं कही थी सिर्फ सुपरवाइजर पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे. लेकिन पीड़िता ने जो बयान पुलिस को दिए थे वो बिलकुल अलग है.
एसीपी रितेश त्रिपाठी ने 27 अगस्त की रात 8 बजकर 18 मिनट पर वृंदावन हॉस्पिटल में पहुंचकर लड़की बे बयान लिए थे. पीड़िता ने लिखा था, ”अजय ने हमारे साथ गलत काम किया है.” इसी बयान के आधार पर पुलिस ने मेंटेनेंस सुपरवाइजर अजय को गिरफ्तार किया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि बयान में तीन लोग, गैंगरेप और जहर जैसी कोई बात नहीं लिखी है. फिलहाल अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है जिससे यह साफ हो सके की लड़की की मौत का कारण क्या था और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जा सके.
IANS
