पूर्व पुलिस महानिदेशक पुलिस से भागते फिर रहे… कोर्ट ने सुनाई है तीन साल की सजा
चेन्नई | तमिलनाडु पुलिस की अपराध शाखा-सीआईडी ने राज्य के पूर्व डीजीपी राजेश दास का पता लगाने के लिए विशेष टीम का गठन किया है.
दास को विल्लुपुरम जिला न्यायालय ने एक महिला पुलिस अधिकारी के यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में दोषी ठहराया था और तीन साल की सजा सुनाई थी.
जिला न्यायालय ने पुलिस को एक विशेष टीम गठित कर राजेश दास को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था.
पूर्व डीजीपी पिछले एक महीने से गिरफ्तारी से बच रहे हैं और दिए गए पते पर वह उपलब्ध नहीं हैं.

पूर्व डीजीपी राजेश दास (फाइल फोटो/ क्रेडिट: आईएएनएस)
16 जून, 2023 को राजेश दास को विल्लुपुरम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी. दास पर आरोप सिद्ध हुआ था कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक रैंक की एक महिला अधिकारी का यौन उत्पीड़न किया था.
दास ने विल्लुपुरम जिला न्यायालय और उसके बाद मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया था और कहा था कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है.
मद्रास उच्च न्यायालय ने इस साल 9 जनवरी को उनकी अपील खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था लेकिन उन्हें वहां से भी रहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया था.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
