सिडनी में आतंकी हमला: शूटर नवीद अकरम को लेकर बड़ा खुलासा

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सिडनी में आतंकी हमला: शूटर नवीद अकरम को लेकर बड़ा खुलासा….

 

सिडनी | सिडनी के बोंडी बीच पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर पाकिस्तान के रहने वाले थे. जांच के दौरान पता चला कि लाहौर के रहने वाले दोनों शूटरों (पिता-पुत्र) ने हनुक्का उत्सव मनाने के लिए एकत्र भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं जिसमें 15 लोग मारे गए.

रविवार शाम को आठ दिवसीय हनुक्का उत्सव की शुरुआत हुई थी. तभी बोंडी बीच पर मौजूद लोगों पर दो लोगों ने गोलियां बरसाना शुरू कर दी. शूटरों ने न बच्चा देखा और न बूढ़ा, जो सामने पड़ा उसे गोलियों से भून दिया. अफरातफरी मचने के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और एक हमलावर को ढेर कर दिया. मरने वाले की पहचान साजिद अकरम (50) के रूप में हुई. न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर माल लैन्यन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जवाबी कार्रवाई में साजिद का बेटा नवीद अकरम (24) घायल हो गया.

इस हमले में सबसे कम उम्र की पीड़ित 10 साल की लड़की थी जिसकी बच्चों के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं मरने वालों में 87 साल का बुजुर्ग भी शामिल था.

हमले की जांच कर रही टीम ने बताया कि दोनों शूटरों ने हमले को अंजाम देने से पहले अपने परिवार वालों को बताया था कि वे मछली पकड़ने के लिए साउथ कोस्ट जा रहे हैं. इस हमले को ऑस्ट्रेलिया में लगभग तीन दशकों में सबसे खतरनाक मास शूटिंग बताया जा रहा है.

हैरानी की बात यह है कि फायरिंग की घटना एक ऐसे देश में हुई है जो बंदूकों पर नियंत्रण के लिए बनाए अपने सख्त कानूनों के लिए जाना जाता है. अधिकारियों ने कहा कि नवीद अकरम ऑस्ट्रेलिया में जन्मा नागरिक है. ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री टोनी बर्क के मुताबिक, साजिद अकरम 1998 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था जिसे (स्टूडेंट वीजा) 2001 में पार्टनर वीजा और बाद में रेजिडेंट रिटर्न वीजा में बदल दिया गया था.

हमले के बाद पुलिस ने रविवार रात साउथ-वेस्ट सिडनी के बोनीरिग में शूटरों के घर पर और साथ ही कैम्पसी में एक प्रॉपर्टी पर रेड डाली थी. पुलिस को बोंडी में कैंपबेल परेड पर एक गाड़ी भी मिली थी जिसमें कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस मौजूद थे. कमिश्नर लैन्यन ने कहा, “एक रेस्क्यू बम डिस्पोजल यूनिट गाड़ी में मिले डिवाइसेस को डिफ्यूज कर रही थी.”

पुलिस अधिकारी ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है. कमिश्नर लैन्यन ने कहा कि संदिग्धों के हथियार और कार में विस्फोटक मिले हैं.

ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम (जेसीटीटी) का मानना है कि हमलावरों ने इस्लामिक स्टेट टेररिस्ट ग्रुप के प्रति वफादारी की कसम खाई थी.

सीनियर अधिकारियों ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि बोंडी बीच पर हमलावरों की कार के अंदर आईएस के दो झंडे मिले है. मौके से मिले फुटेज में एक झंडा गाड़ी के बोनट पर लगा हुआ दिख रहा था.

नवीद अकरम, जो हमलावरों में से एक है, से ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी – ASIO ने छह साल पहले पूछताछ की थी. यह पूछताछ इसलिए की गई थी क्योंकि नवीद के सिडनी स्थित इस्लामिक स्टेट से जुड़े मॉड्यूल के साथ घनिष्ठ संबंधो का पता चला था.

नवीद ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियों के राडार पर तब आया था जब पुलिस ने इस्लामिक स्टेट द्वारा रचे गए एक आतंकी हमले को नाकाम कर दिया था. जुलाई 2019 में कुख्यात आईएस आतंकवादी एल मातारी की गिरफ्तारी के बाद जांच के दौरान नवीद का नाम सामने आया था.

अधिकारियों के मुताबिक, नवीद अकरम का संबंध आईएस आतंकी मतारी से था. मतारी फिलहाल सात साल की जेल की सजा काट रहा है. उसने खुद को आतंकवादी ग्रुप का ऑस्ट्रेलियाई कमांडर बताया था.

सोमवार सुबह कमिश्नर लैन्योन ने कहा कि साजिद अकरम पिछले 10 सालों से लाइसेंसी हथियार रख रहा था.

द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक, नवीद अकरम एक बेरोजगार राजमिस्त्री था जिसने लगभग दो महीने पहले अपने मालिक के दिवालिया हो जाने के बाद नौकरी खो दी थी.

अकरम का परिवार 2024 में खरीदे गए तीन बेडरूम वाले घर में रहता है. इससे पहले वह काब्रामाटा में रहते थे. नवीद अपने माता-पिता, 22 साल की बहन और 20 साल के भाई के साथ यहां रहता है.

नवीद की मां वेरीना ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके बेटे ने गोलीबारी करने से कुछ घंटे पहले (यानि रविवार सुबह) परिवार से आखिरी बार संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि वह मौके पर ली गई तस्वीरों से अपने बेटे को पहचान नहीं पा रही थीं और उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनका बेटा हिंसा या कट्टरपंथी गतिविधि में शामिल हो सकता है.

 

 


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