चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला: सुवेंदु अधिकारी ने किया बड़ा दावा, बताया क्यों किया गया मर्डर ?
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (फाइल फोटो | क्रेडिट: आईएएनएस)
चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला: सुवेंदु अधिकारी ने किया बड़ा दावा, बताया क्यों किया गया मर्डर ?
कोलकाता | भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर बंगाल में हिंसा फैलाने का आरोप लगाया और 9 मई को नई सरकार के शपथ लेने के बाद कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया. उन्होंने दावा किया कि चंद्रनाथ रथ की हत्या मेरे पीए होने की वजह से की गई.
सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की पार्टी के कार्यकर्ता राज्य में हिंसा फैला रहे हैं.
उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ की हत्या किसने की और यह कैसे हुई, इसकी जांच एजेंसियां करेंगी. लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि चंद्रनाथ रथ की हत्या का सिर्फ एक ही कारण है. वह भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट थे और सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल विधानसभा चुनाव में भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था. यही एकमात्र कारण है. मैं उनके परिवार का साथ दूंगा. परिवार मांग कर रहा है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
उन्होंने अपने पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या को राजनीतिक कारणों से जुड़ा बताया और कहा कि रथ को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह उनके करीबी सहयोगी थे.
अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम में शरीर से चार गोलियां निकाले जाने की बात सामने आई है और हत्या बहुत करीब से की गई. उन्होंने इसे ‘शातिर अपराधियों’ का काम बताया. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद होने की जानकारी दी है.
भाजपा नेता ने कहा कि 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले पूरे बंगाल में कानून व्यवस्था को तोड़ने के लिए ममता बनर्जी अपने भतीजे को लेकर बैठकें कर रही है. मैं उम्मीद करता हूं कि जनता जनार्दन नई सरकार के साथ रहेगी. 9 मई के बाद गुंडों और अपराधियों को सरकार सीधा करने का काम करेगी.
भाजपा नेता ने दावा किया कि 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था सुधारी जाएगी और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी पहले ऐसी स्थिति थी लेकिन बाद में सुधार हुआ.
