“हमारे आदेश के बावजूद नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे हुई…. ?”, किस बात पर भड़के भारत के मुख्य न्यायाधीश
CJI सूर्यकांत (फाइल फोटो | आईएएनएस)
“हमारे आदेश के बावजूद नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे हुई…. ?”, किस बात पर भड़के भारत के मुख्य न्यायाधीश
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के छात्र अक्षत त्रिपाठी को ₹5 लाख के निजी मुचलके का नोटिस मिलने पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ी नाराजगी जताई है. लाइव लॉ के मुताबिक, सीजेआई ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा छात्रों पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के बाद ऐसा आदेश देने की हिम्मत कैसे हुई. अदालत ने संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के तृतीय कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) की अदालत द्वारा अक्षत त्रिपाठी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के तहत नोटिस जारी किया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस की उस रिपोर्ट के बाद की गई जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह (अक्षत) एक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अन्य छात्रों को उकसा रहा था.
पीटीआई भाषा के अनुसार, ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट के तृतीय एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कार्यालय ने 4 सितंबर को एसीपी की रिपोर्ट के बाद बीएनएसएस (BNSS) की धारा 130 के तहत यह ‘शांति बंधपत्र’ (पीस बॉन्ड) नोटिस जारी किया था जिसे बाद में वापस ले लिया गया.
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