‘फांसी की सजा’ पर सामने आई शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया, क्या बोलीं…. ?

Sheikh Hasina

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना (फाइल फोटो | आईएएनएस)

The Hindi Post

‘फांसी की सजा’ पर सामने आई शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया, क्या बोलीं…. ?

 

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी करार देते हुए विशेष न्यायाधिकरण ने फांसी की सजा सुनाई है. अब इस मामले में शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. शेख हसीना ने न्यायाधिकरण के फैसले को पक्षपाती और राजनीति से प्ररित बताया है. बता दें कि उन्हें सोमवार को ही दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई है.

न्यायाधिकरण के फैसले को लेकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मेरे खिलाफ सुनाए गए फैसले एक धांधली वाले न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए हैं, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है. वे पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित हैं. शेख हसीना ने कहा कि आईसीटी में कुछ भी अंतरराष्ट्रीय नहीं है; न ही यह किसी भी तरह से निष्पक्ष है. उनका दावा है कि न्यायाधिकरण ने केवल अवामी लीग के सदस्यों पर मुकदमा चलाया है, जबकि कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों द्वारा की गई हिंसा को नजरअंदाज किया है.

उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ सुनाया गया फैसला धांधली भरे न्यायाधिकरण द्वारा दिया गया है. जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है. वे पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित हैं. मृत्युदंड की उनकी घृणित मांग, अंतरिम सरकार के भीतर चरमपंथी लोगों के बांग्लादेश के अंतिम निर्वाचित प्रधानमंत्री को हटाने और अवामी लीग को एक राजनीतिक ताकत के रूप में निष्प्रभावी करने के बेशर्म और जानलेवा इरादे को उजागर करती है.

हसीना ने कहा कि मैं आईसीटी द्वारा मानवाधिकारों के हनन के अन्य आरोपों को भी निराधार मानते हुए खारिज करता हूं. मुझे मानवाधिकारों और विकास के मामले में अपनी सरकार के रिकॉर्ड पर बहुत गर्व है. हमने 2010 में बांग्लादेश को अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, म्यांमार में उत्पीड़न से भाग रहे लाखों रोहिंग्याओं को शरण दी, बिजली और शिक्षा तक पहुच का विस्तार किया, और 15 वर्षों में 450% जीडीपी वृद्धि दर हासिल की, जिससे लाखों लोग गरीबी से बाहर निकले. ये उपलब्धियां ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं. ये मानवाधिकारों के प्रति उदासीन नेतृत्व के कार्य नहीं हैं.

इससे पहले सोमवार को विशेष न्यायाधिकरण ने पूर्व पीएम को सभी पांचों मामलों में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है. बांग्लादेश के ‘अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण’ ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल मामून के खिलाफ मामलों की सुनवाई पूरी कर सजा का एलान किया. अदालत के फैसले को लेकर बांग्लादेश में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने बंद का एलान किया है.

शेख हसीना और अन्य पर आरोप था कि उन्होंने छात्र आंदोलन को कुचलने की कोशिश की और उनके नेतृत्व में जुलाई 2023 में सुरक्षा कार्रवाई में 1400 लोग मारे गए. अभियोजन पक्ष ने शेख हसीना को हिंसा के पीछे का मास्टरमाइंड बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी. वहीं शेख हसीना और उनकी पार्टी का दावा है कि राजनीतिक प्रतिशोध के चलते उनके खिलाफ ये मुकदमें दर्ज किए गए. आइए जानते हैं कि शेख हसीना के खिलाफ कौन से थे वे पांच आरोप, जिनमें उन्हें मौत की सजा सुनाई गई.


The Hindi Post
error: Content is protected !!