जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो | आईएएनएस)

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अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पुनर्गठित कर दिया गया था. इस पुनर्गठन के चार साल और चार महीने बाद, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसे (सुप्रीम कोर्ट) जम्मू-कश्मीर में लगाए गए राष्ट्रपति शासन की वैधता पर फैसला देने की जरूरत नहीं है.

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का राष्ट्रपति का 2019 का आदेश वैध था. न्यायालय ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखा है.

सीजेआई (मुख्य न्यायधीश) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं. इसकी कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं है.”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर फैसला सुनाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सितंबर 2024 तक चुनाव कराए जाएं और जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल किया जाए. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत सरकारी आदेश की वैधता पर फैसला नहीं दे सकती और जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

बता दे कि 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था. साथ ही राज्य को 2 हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था. इसके साथ ही दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था. केंद्र के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई अर्जियां दी गई थी. सभी को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सितम्बर में सुरक्षित रख लिया था. 370 हटने के 4 साल और 4 महीने बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने फैसला सुनाया. आइए जानते है सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें –

जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है
जम्मू कश्मीर के पास कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं थी
धारा 370 एक अस्थाई प्रावधान था
राष्ट्रपति को धारा 370 हटाने का हक
धारा 370 हटाने का फैसला संवैधानिक तौर पर सही था
संविधान के सभी प्रावधान जम्मू कश्मीर पर लागू होते
अनुच्छेद 370 हटाने में कोई दुर्भावना नहीं थी
जम्मू कश्मीर में जल्द राज्य का दर्जा बहाल हो
जम्मू कश्मीर में जल्द चुनाव के लिए कदम उठाए जाएं
30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव हों
लद्दाख को अलग करने का फैसला वैध था

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)

 


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