लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, लगाई यह शर्तें

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Photo: IANS
The Hindi Post

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी, केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा को आठ हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी हैं. न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आशीष मिश्रा सिर्फ निचली अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश जाएं, अन्यथा किसी अन्य मामलों में राज्य में प्रवेश न करें.

कोर्ट ने आशीष मिश्रा को रिहाई के एक सप्ताह के भीतर राज्य (यूपी) छोड़ने का निर्देश दिया और उन्हें एनसीटी-दिल्ली में भी नहीं रहने के लिए कहा.

कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अभियुक्त (आशीष मिश्रा) या परिवार द्वारा गवाहों को किसी भी तरह की धमकी देने पर जमानत रद्द कर दी जाएगी और आशीष मिश्रा को अपनी लोकेशन के बारे में अदालत को सूचित करना होगा.

पीठ ने सुनवाई की अगली तिथि 14 मार्च निर्धारित की है.

शीर्ष अदालत ने ये भी फैसला किया कि वह लखीमपुर खीरी मुकदमे की निगरानी करेगा. साथ ही SC ने ट्रायल कोर्ट के जज को यह आदेश दिया कि वह इस मामले की प्रत्येक सुनवाई के बाद प्रगति रिपोर्ट भेजे.

शीर्ष अदालत ने 19 जनवरी को आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

सुनवाई के दौरान, उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह एक गंभीर और जघन्य अपराध है और जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा.

3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में आठ लोगों की मौत होने के बाद हिंसा भड़क गई थी. यह घटना तक हुई, जब किसान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके में दौरे का विरोध कर रहे थे.

यूपी पुलिस द्वारा दर्ज FIR के अनुसार, एक SUV ने चार किसानों को कुचल दिया था. इस SUV में आशीष मिश्रा बैठे थे. इस घटना के बाद, SUV के चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से गुस्साए किसानों ने पीट-पीट कर मार डाला था. हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)


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