11,000 की आबादी वाले देश पहुंचे मोदी सरकार के मंत्री, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने तुवालु के मंत्री मैना वकाफुआ तालिया से मुलाकात की / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
फुनाफुटी | भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने प्रशांत महासागर के छोटे द्वीपीय देश तुवालु का ऐतिहासिक दौरा किया. 11,000 की आबादी वाले इस देश की यात्रा भारत के लिए अहम है. इस यात्रा को भारत की इंडो-पैसिफिक नीति को मजबूत करने और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
22 से 25 अप्रैल के बीच हुई इस चार दिवसीय यात्रा के दौरान मंत्री ने पहले वानुअतु का दौरा किया और वहां के शीर्ष नेतृत्व से द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. इसके बाद वह तुवालु की राजधानी फुनाफुटी पहुंचे जहां उन्होंने कार्यवाहक प्रधानमंत्री पॉलसन पनापा से मुलाकात कर व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
यह दौरा कूटनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि तुवालु उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो ताइवान को मान्यता देते हैं और चीन की ‘वन चाइना’ नीति का समर्थन नहीं करते. ऐसे में भारत की सक्रियता को क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.
भारत ‘फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन’ (FIPIC) के माध्यम से इन देशों के साथ अपने संबंध लगातार मजबूत कर रहा है. तुवालु जैसे देशों के साथ सहयोग, भारत को ‘ग्लोबल साउथ’ के नेता के रूप में स्थापित करने, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर साझेदारी बढ़ाने और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन हासिल करने में मदद करता है.
भौगोलिक रूप से छोटा होने के बावजूद तुवालु की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है. समुद्री सुरक्षा, वैश्विक व्यापार मार्गों की निर्बाध आवाजाही और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के संदर्भ में यह देश भारत के लिए विशेष महत्व रखता है.
एमओएस मार्गेरिटा ने जलवायु परिवर्तन, सतत विकास पर सहयोग बढ़ाने के लिए तुवालु के मंत्री से की मुलाकात
