राहुल गांधी का राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र: दुष्यंत गौतम के लिए कही यह बात

Rahul Gandhi IANS Oct 12 (1) (1)

फोटो: आईएएनएस

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राहुल गांधी का राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र: दुष्यंत गौतम के लिए कही यह बात

 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल का पदभार न संभालने दिया जाए। राहुल गांधी ने अपने पत्र में इस नियुक्ति पर हैरानी जताते हुए लिखा कि अंकिता के परिवार समेत कई लोग दुष्यंत गौतम को इस मामले से जुड़ा मानते हैं।

चार साल बाद भी वीआईपी की पहचान का सवाल क्यों?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि इस मामले में एक सवाल चार साल से अनुत्तरित है कि आखिर वे वीआईपी कौन थे? उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी में उत्तराखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दिया था। राहुल ने लिखा, ‘वीआईपी की पहचान करने के लिए सीबीआई की जांच अब भी जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत धीमी है। उन्होंने इसी जांच का हवाला देते हुए दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

क्यों आपत्ति जता रहे हैं राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने पत्र में आगे लिखा कि राज्यपाल किसी राज्य की सरकार के सांविधानिक प्रमुख होते हैं, ठीक उसी तरह जैसे राष्ट्रपति केंद्र सरकार के सांविधानिक प्रमुख हैं। उन्होंने चिंता जताई कि राज्यपाल पद पर रहते हुए दुष्यंत गौतम के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती और न ही उसे जारी रखा जा सकता है। राहुल का तर्क है कि ऐसी स्थिति में सीबीआई की जांच का अभियोजन तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यह भी लिखा कि जिस जांच का नतीजा अभियोजन तक पहुंच ही न सके, वह केवल नाम की जांच बनकर रह जाती है।

राहुल गांधी ने इसके पीछे क्या वजह बताई?
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर फिर से विचार करने की सलाह देने की अपील की है। उन्होंने पत्र में कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर होती है। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिलाओं की सुरक्षा की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 74(1) का हवाला देते हुए लिखा कि राष्ट्रपति सरकार को अपनी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकती हैं। पत्र के अंत में उन्होंने अंकिता के माता-पिता को न्याय दिलाने और राज्यपाल के पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

अंकिता केस में क्या है वीआईपी एंगल?
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उस समय उनकी उम्र 19 साल थी। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता पर वीआईपी मेहमानों को ‘विशेष सेवाएं’ देने का दबाव बनाया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। राहुल के मुताबिक, इसके बाद पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों ने अंकिता की हत्या कर दी। तीनों को इस मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

 

 


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